बच्चा बदलने के मामले में स्टाफ नर्स, मिड वाइफ गिरफ्तार
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प्रदेश के सबसे बड़े मातृ-शिशु कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में शिमला पुलिस ने मंगलवार को स्टाफ नर्स पुष्पा देवी और मिड वाइफ रूप देवी को गिरफ्तार किया है। दोनों को मौके पर ही जमानत पर छोड़ दिया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों महिला कर्मचारी बच्चा बदलने वाली रात ड्यूटी पर मौजूद थीं।
दोनों का काम डिलीवरी के बाद बच्चा लेने और उसे परिजनों को सौंपने का था। पुलिस ने जांच में पाया कि मिड वाइफ रूप देवी का काम डिलीवरी के बाद बच्चे को रेपर में रिसीव करना था। लेबर रूम का तापमान ठंडा होता है, लिहाजा जन्म के बाद मिड वाइफ बच्चे को नर्सरी में ले जाती है। वहां स्टाफ नर्स पुष्पा का काम बेबी को क्लैंप लगाना, कपड़े पहनाना और वजन करना था।
उसके बाद बच्चा परिजनों को सौंप दिया जाना था। पुलिस के अनुसार शीतल और अंजना की डिलिवरी के समय में ज्यादा अंतर नहीं था। संभव है कि इस दौरान इन दोनों की लापरवाही की वजह से बच्चे बदल गए हों। इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां होनी हैं।
जांच जारी है, पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि बच्चे बदलने के मामले में स्टाफ नर्स पुष्पा देवी और मिड वाइफ रूप देवी को गिरफ्तार किया गया है।
जितेंद्र के घर आज बदले जाएंगे बच्चे
हिमाचल हाईकोर्ट के आग्रह पर मंडी और शिमला के दंपति में रजामंदी के बाद बुधवार को बच्चे बदले जाएंगे। खलीनी में जितेंद्र और अंजना के घर पर अन्न ग्रहण रस्म के बाद दोनों परिवार एक दूसरे को बच्चे सौंपेंगे। पांच माह बाद अमानत जितेंद्र व अंजना और नितांश मंडी निवासी अनिल और शीतल की गोदी में खेलेंगे।
अगले दिन वीरवार को दोनों परिवार एक साथ कोर्ट में बच्चा बदलने की जानकारी देंगे और कोर्ट इस पर अपना फैसला सुनाएगा। बता दें कि डीएनए रिपोर्ट में बच्चे बदलने की पुष्टि होने के बाद 21 अक्तूबर को कोर्ट के बाहर दोनों परिवारों में बच्चा बदलने पर सहमति बनी थी। दोनों परिवारों में जहां अपना बच्चा मिलने की खुशी है, वहीं पांच माह तक पालने वाले बच्चे को खोने का गम भी है।