फोरलेन की निर्माणाधीन सुरंग धंसी, पहाड़ी से वाहनों पर गिरे पत्थर
मंडी-कुल्लू हाईवे पर शालानाल के पास फोरलेन के लिए बन रही सुरंग गुरुवार दोपहर बाद एक छोर से अचानक धंस गई। घटना के वक्त टनल में श्रमिक और इंजीनियर मौजूद थे।
टनल से हल्का-हल्का मलबा गिरने लगा। किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते टनल में मौजूद सभी लोग दूसरे छोर से सुरक्षित निकाल लिए गए। इसी बीच टनल का एक छोर बुरी तरह से धंस गया।
जिस पहाड़ी पर टनल धंसी है, उस पहाड़ी से पत्थर एनएच पर वाहनों पर आ गिरे। इस दौरान वहां से गुजर रही एक गाड़ी मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में दो लोग सवार थे जो बाल-बाल बचे हैं। इन्हें चोटें नहीं आई हैं।
इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। उधर, इस बारे में एफकॉन कंपनी के बलजिंद्र गोरेया ने किसी भी टिप्पणी से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह उत्तराखंड में है। इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है।
विवादों में रहा है निर्माण
मंडी से नगवाईं तक फोरलेन निर्माण विवादों में रहा है। पहाड़ों की अवैज्ञानिक कटिंग करके नियमों को ताक पर रखकर मलबा ब्यास नदी में फेंकने के मामले सामने आ चुके हैं। इस कारण मंडी-कुल्लू मार्ग पर पत्थर गिरना आम बात हो गई है। ऐसे में कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है।
कंपनी ने पंडोह से औट तक की अस्थायी कटिंग
फोरलेन निर्माण में लगी एफकॉन कंपनी ने पंडोह से औट तक अस्थायी कटिंग कर रखी है। इससे एनएच पर हमेशा पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। कंपनी ने दयोड़ की पहाड़ी के पास नाममात्र के डंगे लगाए हैं। यहां एनएच बड़े-बड़े गड्ढों में तबदील हो गया है।
धूल-मिट्टी ने भी सताए यात्री
एनएच पर औट से पंडोह तक धूल-मिट्टी उठने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादा परेशानी बस में सवार यात्रियों को पेश आ रही है। बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी एनएच पर दिन में महज एक बार टैंकरों से छिड़काव करती है।