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Shimla News: किन्नोरी शॉल और चिकनकारी कुर्तियां बनीं आकर्षण का केंद्र
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गेयटी हथकरघा प्रदर्शनी में रखेे उत्पाद
मनाली के कारिगरों ने हाथों से तैयार किए हैं उत्पादन
शिमला। गेयटी थियेटर के बहुउद्देशीय हॉल में चल रही हथकरघा प्रदर्शनी में किन्नौर शॉल और चिकनकारी कुर्तियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शॉल 200 से 300, स्टॉल 800 से दो हजार और चिकनकारी कुर्तियां दो हजार से तीन हजार रुपये में बिक रही हैं। मनाली के कारोबारी सोनू कुमार और धनराज ने बताया कि प्रदर्शनी में लाया गया सारा सामान उन्होंने हाथों से बनाकर तैयार किया है। बताया कि एक शॉल को बनाने और कुर्ती में हाथों से कढ़ाई करने में बहुत ज्यादा समय लगता है। प्रदर्शनी में डीसी हथकरघा कपड़ा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कुल्लू ब्लॉक क्लस्टर के बुनकरों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। 3 जून तक आयोजित की जाने वाली इस प्रदर्शनी में फेरन की कुर्तियां दो हजार से 28 सौ, सदरी 600 से 22 सौ, कोट 28 सौ और पहाड़ी टोपी 150 से 700 रुपये में बिक रही है।
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मनाली के कारिगरों ने हाथों से तैयार किए हैं उत्पादन
शिमला। गेयटी थियेटर के बहुउद्देशीय हॉल में चल रही हथकरघा प्रदर्शनी में किन्नौर शॉल और चिकनकारी कुर्तियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शॉल 200 से 300, स्टॉल 800 से दो हजार और चिकनकारी कुर्तियां दो हजार से तीन हजार रुपये में बिक रही हैं। मनाली के कारोबारी सोनू कुमार और धनराज ने बताया कि प्रदर्शनी में लाया गया सारा सामान उन्होंने हाथों से बनाकर तैयार किया है। बताया कि एक शॉल को बनाने और कुर्ती में हाथों से कढ़ाई करने में बहुत ज्यादा समय लगता है। प्रदर्शनी में डीसी हथकरघा कपड़ा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कुल्लू ब्लॉक क्लस्टर के बुनकरों के उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। 3 जून तक आयोजित की जाने वाली इस प्रदर्शनी में फेरन की कुर्तियां दो हजार से 28 सौ, सदरी 600 से 22 सौ, कोट 28 सौ और पहाड़ी टोपी 150 से 700 रुपये में बिक रही है।