जब भारतीय सेना के सम्मान में खड़े हुए पाकिस्तानी
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भारत-पाक सीमा पर बमों के धमाकों से दूर हिमाचल के कसौली की शंात वादियों में पाकिस्तानी रंगमंच और कलम के चितेरों ने भारतीयों सैनिकों के सम्मान में खड़े होकर सीमा की कड़वाहट पर मिठास बिखेरी। वे भी उस शख्स को यहां याद करने आए थे जिसका जन्म भले पाकिस्तान में हुआ हो लेकिन उसका दिल हिन्दुस्तान में धड़कता था।
खुशवंत सिंह कसौली को अपना दूसरा घर मानते थे। शुक्रवार को कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट का आगाज उसी बेबाक अंदाज में हुआ, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। खुशवंत सिंह अब नहीं रहे लेकिन उनकी लेखनी उनकी मौजूदगी का अहसास करवा रही थी। कार्यक्रम की शुरुआत कसौली क्लब में दोपहर करीब तीन बजे हुई।
12 अक्तूबर तक चलेगा लिटफेस्ट
पाक के थियेटर आर्टिस्ट नादिया गौहर, लेखक फकीर इजाजुदीन, शरीफ इखराम, लेखक व साहित्यकार शोभा डे, कल्पना साहनी, सुरजीत सिंह बरनाला व कई जाने माने चेहरे एकत्र हुए। स्टेज होस्ट कर रहे लेखक आकाश चोपड़ा ने खुशवंत सिंह का आखिरी खत दिखाते हुए कहा कि लिपटफेस्ट को सरदारजी ने उसी तरह चाहा, जिस तरह अपनी लेखनी को। अंतिम क्षणों में भारत पाक के तनाव और राजनीतिक तंत्र को उन्होंने कहा कि ..सीमा पर तनाव और भारत की राजनीति से वह आहत हैं।
मैं उन्हें सम्मान देना चाहता हूं, जो हमारी रक्षा कर रहे हैं। वह हैं हमारे सैनिक। लिहाजा उन्होंने अगला लिटफेस्ट सेना के जवानों को सम्मान देने को कहा था। लिहाजा, उस सम्मान के लिए उन्होंने खड़े होने की अपील की। हाल में मौजूद सभी खड़े हुए, जिसमें पाकिस्तानी मेहमान भी थे। समापन 12 अक्तूबर को होगा।
पाक रंगमंच में दिखेगी खुशवंत की लेखनी
कसौली लिटफेस्ट में हिस्सा लेने पहुंची पाकिस्तान की थियेटर कलाकार मदिहा गौहर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो पाकिस्तान में वह भारत के महान लेखक खुशवंत सिंह की लेखनी को रंगमंच के जरिये बिखेरेंगी। जब भारत-पाक के तनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने नो कमेंट कहकर मुस्कराहट बिखेरी।
पाक की मिट्टी से बनी ईंट भेंट
फकीर इजाजुदीन ने मंच से जमकर खुशवंत सिंह की तारीफों के पुल बंाधे तो उन्होंने बेबाक अंदाज में र्कई फिकरे भी कसे। उन्होंने यह कहते हुए कि खंडहर ही बताते हैं कि ईंटें कितनी मजबूत थी....कहते हुए खुशवंत के बेटे राहुल सिंह को पाकिस्तान की मिट्टी से बनी ईंट दी। कहा कि खुशवंत सिंह के ख्याल ईंट की तरह मजबूत थे।
द लीजेंड लिवस ऑन
द लीजेंड लिवस ऑन का विमोचन साहित्याकार शोभा डे और राहुल सिंह ने किया। इस किताब की भूमिका राहुल सिंह ने की है। इसमें खुशवंत सिंह का बेबाकपन दर्शाया गया है। दुनिया भर के लेखक इसमें सामने आए हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की बेटी दमन सिंह भी मौजूद रहीं।