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Kargil Vijay: साथियों की शहादत को याद आज भी भर आती हैं सिरमौर के सेवानिवृत्त कैप्टन लीलाराम की आंखें
Wed, 26 Jul 2023 10:09 AM IST
Krishan Singh
योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 26 Jul 2023 10:09 AM IST
सार
टाइगर हिल पर विजयी पताका फहराने वाले ददाहू के जांबाज सेवानिवृत्त कैप्टन लीलाराम की आंखें आज भी अपने साथियों की शहादत को याद कर भर आती हैं।
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सेवानिवृत्त कैप्टन लीलाराम
- फोटो : संवाद
विस्तार
कारगिल युद्ध जीतकर टाइगर हिल पर विजयी पताका फहराने वाले ददाहू के जांबाज सेवानिवृत्त कैप्टन लीलाराम की आंखें आज भी अपने साथियों की शहादत को याद कर भर आती हैं। उन्होंने अपने 36 साथियों की शहादत को अपनी आंखों से देखा। उस दौरान वे भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर सेवारत थे। इसका नेतृत्व ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर कर रहे थे। चार जुलाई 1999 को 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित टाइगर हिल पर तिरंगा फहराने का गौरव भी कैप्टन लीलाराम को प्राप्त हुआ।
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वर्ष 2008 में कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त होकर घर लौटे ददाहू निवासी कैप्टन लीला राम ने बताया कि कारगिल युद्ध भले ही इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया है। उनकी यूनिट के 36 सैनिक इस युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए। कैप्टन लीलाराम उस गम को आज तक भूला नहीं पाए हैं। उन पलों को याद कर उनकी आंखें आज भी भर आती हैं। उन्होंने कहा कि जांबाज सैनिकों की शहादत को भूलाया नहीं जा सकता और न ही उन शूरवीरों की कमी को कभी पूरा किया जा सकेगा।
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