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परमवीर चक्र विजेता बोले- उस मंजर को याद कर आज भी खौल उठता है खून
Fri, 26 Jul 2019 11:47 AM IST
Krishan Singh
सुभाष कपिल, अमर उजाला, झंडूता (बिलासपुर)
सुभाष कपिल, अमर उजाला, झंडूता (बिलासपुर)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 26 Jul 2019 11:47 AM IST
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परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार संजय कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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कारगिल युद्ध में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार संजय कुमार कहते हैं ‘वो मंजर याद कर खून खौल उठता है। प्वाइंट 4875 को फतह करना चुनौती की तरह नहीं सपने की तरह देखा और उसे पूरा भी किया।
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दुश्मन को सब सिखाने का आज भी मौका मिले तो वे सबसे पहले जाना चाहेंगे’। वर्तमान में देहरादून अकादमी में तैनात सूबेदार संजय कुमार तब राइफलमैन थे। उन्होंने बताया कि चार और पांच जुलाई 1999 का दिन उन्हें आज भी याद है।
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दिन और रात लगातार चले ऑपरेशन के दौरान दो गोलियां उनके घुटने में लगी थीं और दो शरीर के अन्य भाग में। वे अपने दो साथियों को भी खो चुके थे। इसके बावजूद मश्को वैली द्रास में प्वाइंट 4875 पर कब्जा किया।
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दुश्मन की यूनिवर्सल मशीनगन छीन कर तीन पाकिस्तानी को मार गिराया था। ऑपरेशन के दौरान 11 जवानों में से दो शहीद और आठ घायल हुए थे। जबकि एक जवान सुरक्षित था।
युवाओं का नशे के जाल में फंसना दुखद
परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार युवाओं को पढ़ाई और देश की तरक्की में हाथ बंटाने की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा कि यह देखना बेहद दुखद है कि युवा नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। कारगिल युद्ध के बाद लखनऊ, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और विदेश में सेवाएं देने के बाद देहरादून में तैनात सूबेदार संजय कुमार ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा।