कारगिल शहीद कैप्टन का अपमान, लोगों ने जो किया वह बेहद शर्मनाक
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देश के शहीदों को सलाम करने वाले लोग इन शहीदों के प्रति कितने गंभीर हैं, इसका ताजा उदाहरण पालमपुर में देखने को मिला। कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र से सम्मानित हो चुके शहीद विक्रम बतरा के नाम पर मैदान में बना गेट का बोर्ड करीब एक सप्ताह तक लोगों के पैरों तले कुचलता रहा, लेकिन इसे उठाने की किसी ने कोई जहमत नहीं उठाई। लिहाजा, सोशल मीडिया में खबर वायरल होते ही शहीद विक्रम बतरा के नाम के बोर्ड को उठाया।
हालांकि, खबर वायरल होते ही शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता जीएल बतरा इस बोर्ड को खुद उठाने आए थे, लेकिन इससे पहले ही बोर्ड उठा दिया गया था, जबकि उन्होंने अपने बेटे की प्रतिमा के पास लगे घास पर भी अफसोस जाहिर किया। जानकारी के मुताबिक पालमपुर में आए अंधड़ से शहीद विक्रम बतरा मैदान के गेट में लगे शहीद के बोर्ड पर पेड़ गिर गया था। इस पर पेड़ को तो उठा दिया गया, लेकिन शहीद के नाम पर बोर्ड को किसी नहीं उठाया। लिहाजा, वह लोगों के पैरों तले करीब एक हफ्ता भर कुचलता रहा।
बेटे की प्रतिमा के पास जमी घास से हुआ दुख: बतरा
खबर बायरल होने का पता चलते ही इस बोर्ड को नप के कर्मियों ने उठा दिया। नप के कार्यकारी अधिकारी देशराज चौधरी ने कहा कि इसका पता नहीं चला था कि बोर्ड नीचे गिरा है, लेकिन जब पता चला तो उसे एकदम उठा दिया गया, जबकि शहीद की प्रतिमा और चबूतरे की सफाई की जाती है।
शहीद कैप्टन विक्रम बतरा के पिता जीएल बतरा ने कहा कि उनके बेटे के नाम का बोर्ड एक हफ्ता नीचे पड़ा रहा, जबकि उनके बेटे की प्रतिमा के पास उगे घास आदि को देख उन्हें दुख हुआ।
अंधड़ से उपमंडल में हुआ है भारी नुकसान: एसडीएम
एसडीएम पालमपुर अजीत भारद्वाज ने कहा कि पिछले हफ्ते आए अंधड़ से पालमपुर में कई लोगों के घरों की छतें उड़ गई और भारी नुकसान हुआ। शहीद के नाम बना बोर्ड भी तूफान में गिर गया था। लेकिन, तूफान से गेट को पहुंचे नुकसान पर एक अच्छे गेट का निर्माण किया जाएगा।