कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग बना तालाब, खतरे से खाली नहीं सफर
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर्यटकों और आम लोगों के लिए आफत बन गया है। हाईवे पर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है। बारिश की वजह से पहाड़ी दरक रही है तो दूसरी तरफ मार्ग को चौड़ा करने के लिए लगाए गए बड़े-बड़े डंगों में बारिश का पानी खड़ा हो रहा है।
इससे सड़क तालाब का रूप ले चुकी है। आलम यह है कि बारिश में आवाजाही करने वाले वाहनों को तालाब का रूप ले चुके खड़े पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हाईवे पर यह नजारा आम बात हो गई है, जिससे भारी जाम की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि हाईवे पर फोरलेन निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से पहाड़ी की कटिंग की गई है। बारिश की वजह से पहाड़ी से चट्टानें और पत्थर खिसक कर सड़क पर गिर रहे हैं।
मलबे की चपेट में आ चुके हैं दो वाहन
पिछले 15 दिनों में मलबे की चपेट में दो वाहन आ चुके हैं। इसमें एक पोकलेन मशीन जबकि दूसरी पर्यटकों की गाड़ी शामिल थी, जिन्हें हादसे की वजह से क्षति पहुंची है। इससे पहले धर्मपुर-सुबाथू मार्ग पर भी दुकानदार पानी भरने की शिकायत कर चुके हैं।
स्थानीय दुकानदार सुनील, विनोद कुमार, गुरबख्स सिंह, गुरनाम सिंह, परमजीत सिंह, प्रमोद अरोड़ा, विजय गुप्ता, चंदन शर्मा आदि ने कहा कि हाईवे पर सड़क का लेवल डाउन होने से बारिश का पानी रुक रहा है।
फोरलेन कंपनी के अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी तरह का व्यवधान यातायात में न पड़ने दें।