संयुक्त युद्धाभ्यास: भारत और कजाकिस्तान की सेना ने ढेर किए आतंकी
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भारत और कजाकिस्तान सेना ने चंबा जिले के बकलोह के जंगल में छिपे आतंकियों को मार गिराया। दोनों देशों के सैनिकों ने योजनाबद्ध तरीके से जंगल के बीचोंबीच बने घर पर धावा बोला और वहां छिपे आतंकियों का खात्मा कर अपने मिशन को पूरा किया।
इस दौरान सैनिक हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे नीचे उतरे और छिपकर बैठे आतंकियों को मार गिराया। इसी के साथ बकलोह में भारत और कजाकिस्तान सेना के बीच चल रहे 14 दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास का समापन हो गया।
इस दौरान अभ्यास किया गया कि विकट परिस्थितियों में आतंकियों को कैसे मारा जा सकता है। ‘प्रबल दोस्तिक 2017’ नाम के संयुक्त सैन्य अभ्यास के समापन की ब्र्रिगेडियर नवदीप सिंह बराड़ ने अध्यक्षता की।
इसमें भारतीय और कजाकिस्तान सेना को विकट परिस्थितियों से निपटने की जानकारी दी गई। इससे पहले भारत और कजाकिस्तान सेना के बीच इस तरह का पहला सैन्य अभ्यास कजाकिस्तान में 2016 में हुआ था।
इस बटालियन ने किया भारतीय सेना का नेतृत्व
संयुक्त युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना का नेतृत्व 11 गोरखा राइफल्स की थर्ड बटालियन ने किया। भारतीय सेना ने युद्धाभ्यास को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर ट्रेनिंग को अंजाम दिया।
कजाकिस्तान सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल जीबी कैसेमबेकोव ने बताया कि 14 दिन के संयुक्त युद्धाभ्यास में आतंकवाद विरोधी सैन्य कार्रवाई की ट्रेनिंग हुई, जिसका निश्चित तौर पर दोनों सेनाओं को लाभ होगा।
उधर, 11 गोरखा राइफल के कमांडिंग आफिसर कर्नल कपिल गौड़ ने बताया किआतंकवादियों के खिलाफ सैन्य आपरेशन में ऐसे संयुक्त अभ्यास रणनीतिक लिहाज से फायदेमंद होते हैं।
इस दौरान रॉक क्राफ्ट, स्लिदरिंग, काउंटर टेररिज्म, लो इंटेसिटी कॉन्फ्लिक्ट, टेक्निकल ड्रिल्स, जंगल वारफेयर स्कूल के अलावा अन्य अभ्यास किया गया। संयुक्त अभ्यास से दोनों देशों के बीच सेना के संबंधों को मजबूत करना और सेनाओं की कार्यकुशलता का आदान-प्रदान करना है।