Mandi News: देवताओं के भव्य मिलन और शोभायात्रा के साथ जोगिंद्रनगर लघु शिवरात्रि मेला शुरू
मेले में 100 से अधिक देवी-देवताओं की अगुवाई में देवता मेला का शुभारंभ उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी की मौजूदगी में हुआ। रामलीला मैदान से शाम करीब 5:00 बजे पहली शोभायात्रा निकाली गई। भव्य शोभायात्रा में महिलाओं व पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
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देव हुरंग नारायण और चौहारघाटी के आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद देवताओं के भव्य मिलन और भव्य शोभायात्रा के साथ मंडी जिले के जोगिंद्रनगर का पांच दिवसीय राज्य स्तरीय लघु शिवरात्रि देवता मेला शुरू हो गया। इस मेले में 100 से अधिक देवी-देवताओं की अगुवाई में देवता मेला का शुभारंभ उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी की मौजूदगी में हुआ। रामलीला मैदान से शाम करीब 5:00 बजे पहली शोभायात्रा निकाली गई। भव्य शोभायात्रा में महिलाओं व पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
मेला समिति के अध्यक्ष एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा ने राज्य स्तरीय मेले की अध्यक्षता करते हुए मुख्यातिथि विशेष अतिथियों को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। करीब 6:00 बजे शोभायात्रा मेला मैदान में पहुंची। यहां पर मुख्यातिथि ने मेले में प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया। इस दौरान विभिन्न महिला मंडलों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। विकास खंड अधिकारी कुलवंत सिंह, डीएसपी संजीत सूद, तहसीलदार डॉ. मुकुल अनिल शर्मा, मेघना गोस्वामी, नगर परिषद की अध्यक्ष प्रेरणा ज्योति, उपाध्यक्ष प्यार चंद, आईटीआई की प्राचार्य नवीन कुमारी भी मौजूद रहीं।
शोभायात्रा के दौरान देव ध्वनियों से गूंज उठा जोगिंद्रनगर
देवता मेले की पहली जलेब में पूरा जोगिंद्रनगर शहर देव ध्वनियों से गूंज उठा। उधर, रंग-बिरंगी पगड़ियों से सजधज कर नारी शक्ति ने भी शोभायात्रा में हिस्सा लिया। जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया के साथ मसौली पंचायत की प्रधान अंजना शर्मा के अलावा कांग्रेस नेत्री अंजना ने अन्य के साथ सिर पर पगड़ी बांधकर शोभायात्रा में उपस्थिति दर्ज करवाई। देवताओं के आकर्षक रथों और बजतंरियों के ढोल, नगाड़ों और शहनाइयों की गूंज में थिरकते देवलू और पुलिस बैंड शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहा।
ऐतिहासिक व धार्मिक आस्था को संजोए हुए है मेला: डीसी
इस मौके पर मुख्यातिथि अरिंदम चौधरी ने कहा कि देवभूमि में आयोजित होने वाले मेले एक ओ जहां हमारी समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहीं इनके माध्यम से आपसी प्रेम व भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है। यह मेला क्षेत्र में ऐतिहासिक व धार्मिक आस्था को संजोए हुए हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल हमारी लोक परंपरा का संरक्षण व संवर्धन सुनिश्चित होता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी हमारी समृद्ध परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलता है। एसडीएम केके शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में देवता मेला बीते 66 वर्षों से हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। यह हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है।
दो दर्जन से ज्यादा देवी-देवता बढ़ाएंगे धर्मपुर नलवाड़ मेले की शोभा
वहीं, धर्मपुर में होने जा रहे नलवाड़ और देव मेले की शोभा इस बार दो दर्जन से अधिक देवी-देवता बढ़ाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले में जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को विशेष जगह दी जाएगी, वहीं स्टार नाइट के लिए कलाकारों का चयन भी जल्दी ही किया जाएगा। धर्मपुर में मेले का आयोजन प्रशासन करता है। मेले में इस बार दो दर्जन से ज्यादा देवी देवताओं को न्योता दिया गया है, जो मेले की शोभा को चार चांद लगाएंगे।
मेले में बाबा कमलाहिया की पालकी मुख्य आकर्षण होगी। इस बार बाबा कमलाहिया मंदिर से मेला स्थल तक अपने लाव लश्कर के साथ आएंगे और मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। मेले की शोभायात्रा शीतला माता मंदिर से हर वर्ष की तरह निकलेगी। मेले के दौरान बाजार को भी दुल्हन की तरह सजाया जाएगा और मेले में आने वाले व्यापारियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है। बिजली पानी का पूरा इंतजाम किया गया है। एसडीएम धर्मपुर असीम ने बताया कि करीब दो दर्जन से ज्यादा देवी देवताओं को न्योता दिया गया है।