अमेरिका के सेब को चित कर मंडियों में छाया जेरोमाइन, प्रति पेटी मिला ये दाम
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सेब मार्केट में चल रही मंदी के बावजूद ठियोग की पराला फल मंडी में जेरोमाइन 2800 रुपये प्रति पेटी बिका। 20 पेटियों की खेप कोटखाई से पराला मंडी पहुंची थी।
आमतौर पर 25 जुलाई के बाद मंडियों में जेरोमाइन सेब की आमद बंद हो जाती है, लेकिन करीब एक महीने की देरी से मंडी में पहुंचे जेरोमाइन को खरीददारों ने हाथों हाथ लिया।
यूएसए से आयात सेब भी मंडियों में अधिकतम 2000 रुपये प्रति पेटी ही बिक रहा है। ऐसे में शिमला का जेरोमाइन विदेशी सेब को भी मात दे रहा है। जानकारों का मानना है कि जेरोमाइन की फ्रेशनेस और बढ़िया क्वालिटी के चलते ऑफ सीजन में भी सेब की इस किस्म को अच्छे रेट मिल रहे हैं।
25 जुलाई के आसपास जेरोमाइन 2600 से 2800 रुपये प्रति पेटी बिक रहा था। सेब की आमद बढ़ने के कारण इन दिनों मार्केट मंदी चल रही है। मंडियों में रायल सेब अधिकतम 1800 से 2050 रुपये प्रति पेटी बिक रहा है।
बढ़िया साइज का जेरोमाइन 2800 रुपये पेटी बिका : सुशील
पराला मंडी की एसजीटी फर्म के आढ़ती सुशील ठाकुर ने बताया कि इन दिनों मंडी में क्वालिटी सेब नहीं आ रहा। इसके कारण रेट गिरे हुए हैं। हालांकि कोटखाई से आया जेरोमाइन बढ़िया क्वालिटी का था, इसलिए इसे अच्छे रेट मिले।
पश्चिमी बंगाल के खरीददार ने 2800 रुपये प्रति पेटी जेरोमाइन खरीदा है। पश्चिमी बंगाल के खरीददार गोविंदा ने कह कि विदेश से आयात यूएसए के सेब के मुकाबले जेरोमाइन की क्वालिटी ज्यादा बेहतर है।
विदेशी सेब को जहां अप्राकृतिक तरीके से चमकाया जाता है, वहीं जेरोमाइन की प्राकृतिक तरीके से चटक चमकीली होती है। यह ग्राहकों को खासा आकर्षित करता है।