जनमंच: ज्यादा शिकायतें उठाने पर बुजुर्ग का माइक किया बंद, सोलन में दो गुट भिड़े, बुलानी पड़ी पुलिस
सोलन जिले के परवाणू में पानी की समस्या को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल के सामने दो गुटों में बहस हो गई। इसे लेकर माहौल गर्म हो गया। समस्या रखने के बाद दोनों गुटों में लगभग 15 मिनट तक बहस होती रही। फिर पुलिस को बुलाकर मामला शांत करवाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार के जनमंच कार्यक्रम में रविवार को कुल्लू जिले के हरिपुर में क्षेत्र की ज्यादा समस्याएं रखने पर एक बुजुर्ग का शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर के सामने ही वहां मौजूद अधिकारी ने माइक बंद करवा दिया। बुजुर्ग लोत राम सिंचाई कूहल, सड़क, पुल व अवैध कब्जों की समस्याएं रख रहे थे। शिक्षा मंत्री के कहने पर माइक दोबारा ऑन किया गया। रविवार को 10 जिलों में जनमंच कार्यक्रम में 1056 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का निपटारा किया गया। उधर, सोलन जिले के परवाणू में पानी की समस्या को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल के सामने दो गुटों में बहस हो गई।
इसे लेकर माहौल गर्म हो गया। समस्या रखने के बाद दोनों गुटों में लगभग 15 मिनट तक बहस होती रही। फिर पुलिस को बुलाकर मामला शांत करवाया। पानी की समस्या का समाधान नहीं होने पर मंत्री ने जल शक्ति विभाग के जेई को फटकार लगाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि जब समस्या को लेकर जल शक्ति विभाग के जेई से बात की जाती है तो वह कहते हैं कि जहां शिकायत करनी है, कर लो। इस पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने जेई को फटकार लगाते हुए काम करने के लिए उपयुक्त स्थान देखने की भी बात कह दी।
उधर, शिमला जिले के रोहड़ू में सीमा कॉलेज में जनमंच के दौरान लाकाधार-क्याणी सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला मंत्री के सामने उठाया। मंत्री वीरेंद्र कंवर ने डीसी शिमला को निर्देश जारी किए कि इस सड़क की तुरंत विजिलेंस जांच करवाई जाए। ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही का मुद्दा खुलकर उठाया।
मंडी के टिहरा में कम पहुंचे लोग, 12 पंचायतों से 19 समस्याएं ही आईं
मंडी जिले के धर्मपुर के टिहरा में जनमंच दो घंटे में ही समाप्त हो गया। जनमंच में मंत्री महेंद्र ठाकुर पहुंचे थे, लेकिन लोगों की मौजूदगी बहुत कम थी। 12 पंचायतों से 19 शिकायतें और समस्याएं ही आईं।