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नमस्कार कैदी भाइयों-बहनों, आप सुन रहे हैं जेल रेडियो
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:58 PM IST
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नमस्कार कैदी भाइयों और बहनों, आप सुन रहे हैं जेल रेडियो। जी हां, 15 अगस्त से हिमाचल की दो मॉडल सेंट्रल जेलों में कुछ ऐसी ही आवाजें सुनाई देंगी। इन जेलों में सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को अपना जेल रेडियो मिलने जा रहा है।
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दिलचस्प ये है कि रेडियो का संचालन खुद कैदी करेंगे। यानी एक निर्धारित शेड्यूल में कैदी रेडियो जॉकी की भूमिका में होंगे। सूबे की कंडा और नाहन सेंट्रल जेल से यह शुरुआत होने जा रही है। प्रारंभिक चरण में रेडियो लाउडस्पीकर से चलेगा। बाद में इसे रेडियो फ्रीक्वेंसी पर लाने की योजना है।
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जेल रेडियो में कैदी फरमाइशी गीतों के साथ कैदियों के अपने रिकार्ड किए गए कार्यक्रम सुने जा सकेंगे। रिस्पांस अच्छा रहने पर जेल रेडियो को प्रदेश की अन्य जेलों में भी शुरू कर दिया जाएगा।
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जेल रेडियो शुरू करने का मकसद कैदियों का हृदय परिवर्तन है, जिसके माध्यम से कैदियों को अच्छा इंसान बनने की ललक से जोड़ने की कोशिश है। कारावास विभाग ने एफएम फ्रीक्वेंसी के लिए आवेदन भी कर दिया है। जेल महानिदेशक सोमेश गोयल का कहना है 15 अगस्त से जेल रेडियो का ट्रायल शुरू हो जाएगा।
कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी गई है। रेडियो ट्रायल शुरू होने पर कैदियों को अपने जेल रेडियो का आभास होगा। दोनों जेलों में एक-एक हफ्ता ट्रायल के रिस्पांस को आधार बनाकर इसे और डेवलप किया जाएगा।