परिवार के लिए जगदीश ने खुद को ट्रक में किया क्वारंटीन
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कोरोना महामारी के दौर में गुपचुप तरीके से घर पहुंचने वाले लोग जहां जानकारी छुपाकर अपने परिवार और समाज की जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं, वहीं आनी के शवाड निवासी ट्रक चालक जगदीश कटोच ने खुद को ट्रक में क्वारंटीन कर परिवार और समाज की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उन्हें ट्रक में रहते हुए करीब आठ दिन हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने उनकी काउंसलिंग की और फिर उन्होंने परिवार के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खुद का बसेरा ट्रक में ही बना लिया। जगदीश बताते हैं कि उन्हें कोरोना महामारी से होने वाले कोई लक्षण नहीं है, लेकिन परिवार और समाज की सुरक्षा मेरे लिए पहले है। इसलिए वह खुद को ट्रक में ही क्वारंटीन रखेंगे। जगदीश का ट्रक शवाड के साथ लगते खेल मैदान में है, जहां उनका किसी से कोई संपर्क नहीं होता।
जगदीश दिल्ली से गुवाहाटी, मिजोरम के विभिन्न कस्बों को राशन सप्लाई करने का काम करते हैं। इस माह के पहले सप्ताह में उन्हें सैंज को राशन सप्लाई का काम मिला तो घर नजदीक होने के कारण उन्होंने घर का रुख किया। वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को इस बात का पता चलते ही उन्हें सिविल अस्पताल आनी लाया और उनकी काउंसलिंग की। उसके बाद उन्होंने खुद को ट्रक में ही क्वारंटीन कर लिया, जिसकी लोग भी प्रशंसा कर रहे हैं।
उनके घर में पत्नी, एक बेटा और बुजुर्ग माता हैं। जगदीश पर मेडिकल अफसर अभिनय चौहान लगातार नजर बनाए हैं। एसडीएम आनी चेत सिंह का कहना है कि जगदीश कटोच की तरह अन्य यात्रा विवरण वाले लोग भी इस बात को समझें और परिवार और समाज की सुरक्षा की खातिर खुद को क्वारंटीन करें। साथ ही यदि कोई व्यक्ति गुपचुप तरीके से बाहर से घर आता है तो इसकी जानकारी न छुपाने और प्रशासन को बताने का भी लोगों से आग्रह किया है।
जगदीश ने कहा कि ट्रक चालक होने के नाते मुझे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ा, लेकिन जब मैंने घर का रुख किया तो खुद को क्वारंटीन कर लिया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि यदि किसी का यात्रा विवरण है तो वह खुद क्वारंटीन होकर परिवार और समाज का भला करें।