नौणी विवि में चहेतों को भर्ती करने के लिए मनमर्जी से बना दिए नियम
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डा. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में चहेतों को भर्ती करने के लिए मनमर्जी के ही नियम गढ़ दिए गए। इंटरव्यू में पोस्ट डॉक्टरेट डिग्री के स्कोर कार्ड में पांच अतिरिक्त नंबर दिए गए, जबकि विवि के एक्ट में इसका कोई प्रावधान नहीं है। विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ताबो के लिए हुई सह वैज्ञानिक की भर्ती में यह कथित गड़बड़झाला सामने आया है।
विश्वविद्यालय में इंटरव्यू बोर्ड के एक सदस्य खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने इस तरह से एक्ट या स्टेच्यूट से बाहर जाकर खुद से नए प्रावधान जोड़ने पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। यह भर्ती उन्हीं के विभाग से संबंधित थी। इसके बावजूद एक वरिष्ठ सदस्य के पसंदीदा उम्मीदवार को चयनित किया गया। इस तरह का प्रावधान अन्य बागवानी विश्वविद्यालयों में भी नहीं है।
बताते हैं कि पोस्ट डॉक्टरेट डिग्री को आधार बनाकर जिस सह वैज्ञानिक को चुना, वह भी विश्वविद्यालय के इंटरव्यू बोर्ड में रहे एक वरिष्ठ अधिकारी के क्षेत्र से संबंध रखता है। इसी तरह की भर्ती में भाई- भतीजावाद का एक अन्य मामला पहले भी उजागर हुआ है। यह भर्ती करीब डेढ़ साल पहले हुई। हाल ही में विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से विवि प्रशासन को लिखे एक पत्र से भी यह मामला उजागर हुआ है।
इंटरव्यू बोर्ड का सदस्य होने के नाते जताई थी आपत्ति : डॉ. विजय ठाकुर
विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार एवं पूर्व कुलपति रहे डा. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि भर्ती बोर्ड का सदस्य होने के नाते उन्होंने पोस्ट डॉक्टरेट डिग्री के अतिरिक्त नंबर देने का एक्ट अथवा स्टेच्यूट में प्रावधान नहीं होने पर विरोध किया था।
उन्होंने कहा था कि ऐसा करना सही नहीं है, मगर बोर्ड के वरिष्ठ सदस्यों ने कुछ मजबूरी बताते हुए इस आपत्ति पर गौर नहीं किया। इसमें भर्ती बोर्ड के अन्य सदस्यों की ही जवाबदेही होगी। वह शनिवार को ही सेवानिवृत्त हुए हैं, इसलिए खुलकर बोलने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं।