Himachal News: संजय कुंडू को डीजीपी पद से हटाया, आयुष विभाग में प्रधान सचिव लगाया
प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को डीजीपी पद से हटा दिया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुक्खू सरकार ने संजय कुंडू को डीजीपी पद से हटा दिया है। अब उन्हें प्रधान सचिव आयुष का जिम्मा सौंपा गया है। मंगलवार को कार्मिक विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की। पूर्व जयराम सरकार में भी कुंडू प्रधान सचिव के पद पर रह चुके हैं। कांगड़ा जिले के एक कारोबारी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने डीजीपी कुंडू को पद से हटाने के निर्देश थे। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री को भी पद से हटाने की अधिसूचना बुधवार को जारी हो सकती है। हिमाचल हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक और एसपी कांगड़ा को पदों से हटाने के आदेश दिए थे। कारोबारी की शिकायत से जुड़े मामले की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे। 4 जनवरी को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है। ऐसे में सरकार ने मंगलवार को ही डीजीपी कुंडू को पद से हटाकर प्रधान सचिव के पद पर नियुक्ति दे दी है।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया कि सिविल सर्विस बोर्ड की सिफारिश पर 1989 कैडर के आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को प्रधान सचिव आयुष नियुक्त किया गया है। प्रधान सचिव कार्मिक डॉ. अमनदीप गर्ग से आयुष विभाग का अतिरिक्त कार्यभार वापस लेकर कुंडू को दिया गया है। पूर्व जयराम सरकार में कुंडू मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर नियुक्त थे। जयराम सरकार ने ही कुंडू को डीजीपी नियुक्त किया था। उधर, कुंडू हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गए हैं। कुंडू ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की हुई है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।
हाईकोर्ट के आदेशों पर किया अमल, कुंडू की छवि साफ : सुक्खू
डीजीपी कुंडू के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया है। कुंडू ने 35 साल तक प्रदेश की सेवा की है। उनकी छवि स्वच्छ है। निष्पक्ष जांच हो, इसको देखते हुए उन्हें डीजीपी पद से हटाकर प्रधान सचिव लगाया गया है।
कौन होगा नया डीजीपी?
उधर, नया डीजीपी की नियुक्ति को लेकर फैसला जल्द होने की संभावना है। हिमाचल काडर के पुलिस अधिकारियों की बात करें तो इनमें वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी 1988 बैच के तपन कुमार डेका हैं। डीजीपी संजय कुंडू 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह वरिष्ठता में डेका के बाद आते हैं। डेका केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और उच्च पद पर आसीन हैं। कुंडू वैसे भी अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संजीव रंजन ओझा 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय प्रतिनियु़क्ति से लौट चुके हैं और कुंडू के बाद वरिष्ठता में सबसे आगे हैं। ओझा के बाद 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी हैं, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ही हैं। उनके बाद 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी अतुल वर्मा हैं। वह भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट चुके हैं। उसके बाद आने वाले 1993 बैच के अनुराग गर्ग भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौट चुके हैं। इसी बैच में अशोक तिवारी और ऋत्विक रुद्र आते हैं। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल भी केंद्र से लौट चुके हैं। इसी बैच के अगले अधिकारी जहूर हैदर जैदी हैं। जैदी के बाद 1995 बैच में एसपी सिंह और एन वेणुगोपाल हैं। उनके बाद 1996 बैच में सतवंत अटवाल त्रिवेदी, अजय कुमार यादव और अभिषेक त्रिवेदी हैं। इनमें से किसी एक अधिकारी को डीजीपी बनाया जा सकता है।