88 करोड़ की देनदारियां जल्द चुकाएगा आईपीएच महकमा
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आईपीएच विभाग में हुए कार्यों की 88 करोड़ रुपये की देनदारी जल्द से जल्द चुका दी जाएगी। सदन में नियम 130 के अंतर्गत विधायक सुखराम और बलवीर की ओर से प्रदेश में आईपीएच विभाग की ओर से चलाई जा रही पेयजल, सिंचाई और अन्य कार्यों की देनदारियों को लेकर उठाए गए मामले को लेकर चर्चा के
दौरान मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पेयजल, सिंचाई और अन्य मामलों की कुल देनदारी 88.9 करोड़ रुपये की शेष है। मार्च 2018 तक 2311.55 लाख और चालू वित्त वर्ष में 6497.51 लाख रुपए की देनदारी शेष है।
मंत्री ने कहा कि सैकड़ों सिंचाई योजनाओं के रखरखाव के लिए हर वर्ष पर्याप्त बजट तथा कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। योजनाओं की वृद्धि हो रही है, जबकि श्रम शक्ति में कमी आ रही है।
वर्ष 2005 में 16127 कर्मचारी के पदों को डाइंग कॉडर घोषित कर दिया गया है। इसमें से अब तक 7215 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्ति नहीं होने के कारण श्रम शक्ति का अभाव हो रहा है।
बगैर फंड टेंडर लगाने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो : ध्वाला
इसके चलते आउटसोर्स या ठेकेदारों को संचालन का जिम्मा दिया जाता है। इस कारण देनदारियां शेष बची हैं। चर्चा में विधायक सुखराम, सुरेश कश्यम, बलवीर वार्मा व आईडी धीमान ने भी अपने अपने क्षेत्र में देनदारियों का मामला उठाया।
विधायक रमेश ध्वाला ने कहा कि उन अधिकारियों की जवाबदेही होनी चाहिए जो बिना फंड्स के टेंडर लगाते हैं। विधायक राकेश पठानिया ने भी कहा कि नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो करोड़ रुपए की देनदारी सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की लंबित पड़ी हैं।
विभाग नए कनेक्शन देने के चक्कर में पुरानी स्कीमों को खराब कर रहा है। मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सर्कल वाइज देनदारियों का आंकड़ा सदन में रखा। शिमला जोन में 3042.08 लाख, हमीरपुर की 3129.50, धर्मशाला की 1796.46, मंडी जोन की देनदारी 841.01 लाख रुपये है।