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युग हत्याकांड : टैंक सफाई के लिए अफसर सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं

Thu, 14 Jan 2021 11:20 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2021 11:20 PM IST
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investigated
टैंक की जांच रिपोर्ट में खुलासा, कैलस्टन टैंक में जिंदा फेंक दिया था मासूम
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सफाई के दौरान कंकाल न मिलने पर उठे थे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बहुचर्चित युग हत्याकांड से जुड़े कैलस्टन टैंक सफाई मामले में नगर निगम की ओर से तैयार की जांच रिपोर्ट में आईपीएच के तत्कालीन पांचों अधिकारियों को काफी हद तक क्लीन चिट दे दी है।
हत्यारों ने मासूम को टैंक में जिंदा फेंक दिया था। सफाई के दौरान भी टैंक से मासूम युग के कंकाल क्यों नहीं मिले, क्या टैंक की सफाई गंभीरता से नहीं की, ऐसे कई आरोपों को लेकर नगर निगम में तैनात आईपीएच के पांच अधिकारियों के खिलाफ जांच की थी। लेकिन जांच रिपोर्ट में इन्हें सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं माना गया है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में सिर्फ इनका सुपरवाइजरी लैप्स होने की बात कही है। हालांकि, उस समय पेयजल टैंकों की सफाई को लेकर कोई एसओपी भी नहीं बने थे। ऐसे में कैलस्टन टैंक की सफाई के दौरान उच्च अधिकारियों का मौके पर होना जरूरी नहीं था। अधिकारियों ने भी जांच अधिकारी के समक्ष एसओपी न होने की बात कही है। वहीं दो गवाहों ने भी माना है कि एसओपी नहीं थी। ऐसे में मामले में लापरवाह बताए जा रहे पांच अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
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कई अधिकारी बेवजह लपेट लिए
जांच रिपोर्ट में अधिशासी अभियंता समेत दो अधिकारी तो ऐसे हैं जो उस समय अस्थायी तौर पर कुछ दिनों के लिए पेयजल व्यवस्था संभाल रहे थे। लेकिन ये भी जांच के लपेटे में आ गए। विभागीय जांच रिपोर्ट में इसका भी जिक्र किया है। इन अधिकारियों ने भी अपने बयान दिए हैं कि पेयजल व्यवस्था या टैंकों की सफाई के मामले में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी। वहीं दो अधिकारी रिटायर हो चुके हैं।
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दस पेज की है जांच रिपोर्ट
दस पेज की जांच रिपोर्ट में जिक्र है कि टैंकों की सफाई का सुपरविजन होना चाहिए था जो नहीं हुआ। हालांकि, इस रिपोर्ट के आधार पर भी अधिकारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई होना मुश्किल है। इसका कारण सफाई को लेकर एसओपी का न होना था। नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने बताया कि इस मामले की पहली जांच रिपोर्ट पर सरकार ने अभी फैसला लेना है। निगम इसके बाद ही किसी कार्रवाई का फैसला लेगा।
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