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इंटक का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 22 Aug 2014 12:12 PM IST
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इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी संजीवा रेड्डी ने कहा कि देश में सभी वर्गों के कामगारों को मासिक वेतन या मजदूरी के रूप में कम से कम 15 हजार रुपये दिए जाएं, नहीं तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। केंद्र सरकार को एक माह का अल्टीमेटम उन्होंने दिया है।
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अगर ऐसा नहीं होता है तो एक माह के बाद सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक तथा अन्य वेतनभोगी कामकाज ठप कर देंगे। इसके लिए केंद्र सरकार को नोटिस दिया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि दो दिन तक राजीव भवन शिमला में चले सम्मेलन में इस प्रस्ताव को पारित किया गया है।
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डा. रेड्डी ने कहा कि देश मेें मजदूरों की दिहाड़ी में एकरूपता नहीं है। महंगाई के इस दौर में 3500 रुपये का मासिक वेतन दिया जा रहा है। यह न्यायोचित नहीं। कामगारों को कम से कम 15 हजार रुपये का मासिक मेहनताना मिलना चाहिए।
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अगर केंद्र की मोदी सरकार इस मांग को नहीं मानती है तो सभी मजदूर संगठनों को एक बैनर के तले एकत्र किया जाएगा, अन्य विचारधाराओं से जुडे़ संगठनों का भी इस आंदोलन में साथ देने का आह्वान किया जाएगा। जिस रफ्तार से मौजूदा सरकार पब्लिक सेक्टर की परिसंपत्तियां बेचकर निजी क्षेत्र की तरफ बढ़ रही है, वह सही नहीं है।
यूपीए सरकार को भी लपेटा रेड्डी ने
रेड्डी से जब ये पूछा गया कि क्या यह काम यूपीए सरकार को नहीं करना चाहिए था? इस पर वे बोले कि इंटक यह मांग यूपीए सरकार के कार्यकाल से ही उठा रही है। उन्होंने माना कि पूर्व सरकार ने भी कामगारों की ऐसी कई मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई। कुछ मांगें सुनी जरूर गईं। जब तक 15 हजार मासिक देने पर विचार होता केंद्र में सरकार बदल गई।