बड़ा फैसला: जहरीली शराब से सात मौतों के बाद हिमाचल की कांगू पंचायत में नशे पर लगा प्रतिबंध
अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक स्थल पर मादक द्रव्यों, शराब, चिट्टा, भांग, गांजा, चरस, धूम्रपान और अन्य प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेगा। पंचायत क्षेत्र में होने वाले हर प्रकार के समारोहों में मादक द्रव्यों के वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा।
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जहरीली शराब से सात लोगों की मौत के बाद हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत कांगू में नशा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजनिक स्थल पर मादक द्रव्यों, शराब, चिट्टा, भांग, गांजा, चरस, धूम्रपान और अन्य प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेगा। पंचायत क्षेत्र में होने वाले हर प्रकार के समारोहों में मादक द्रव्यों के वितरण और सेवन पर प्रतिबंध रहेगा। पंचायत के आदेशों की अवहेलना करने वालों को 1,000 रुपये जुर्माना होगा। मामला पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा। रविवार को प्रधान रोशन लाल की अध्यक्षता में आयोजित ग्राम सभा में यह फैसला लिया गया।
फैसला लागू करने के लिए 14 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। यह कमेटी ऐसे मामलों पर नजर रखेगी और कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को ऐसे मामलों की सूचना देगी। इस कमेटी में सदस्य के रूप में अजय कुमार, सीमा देवी, ललिता देवी, रणजीत, रोशन लाल, सत्या देवी, माया देवी, रजनी देवी, रेखा, संतोष कुमार, पवन कुमार, पम्मी देवी और उर्मिला देवी को शामिल किया गया है। बता दें कि 19 जनवरी को जहरीली शराब के सेवन से कांगू पंचायत में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कोर्ट में चार्जशीट भी दायर हो गई है।
नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
ग्रामसभा में सर्वजन संरक्षण समिति हिमाचल प्रदेश ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। इसके बाद उपस्थित लोगों ने नशे पर लगाए प्रतिबंध को तुरंत प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया। प्रधान ने बताया पिछले दिनों जहरीली शराब पीने से हुई सात मौतों में से अधिकतर ग्रामीण इसी पंचायत से संबंधित थे।
इस पहल के लिए हरसंभव सहायता : डीसी
ग्रामसभा में पंचायत को नशामुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर आगामी कार्यवाही के लिए उपायुक्त मंडी को भेजने का भी फैसला लिया गया, ताकि पंचायत के फैसले पर प्रशासन की भी मुहर लग सके। उधर, डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि यह पहल प्रशंसनीय है। प्रशासन इस फैसले को लागू करवाने में और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में पंचायत के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करेगा।