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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021: योग में चार गोल्ड और कांस्य दिलाने वाला कर रहा वेल्डिंग का काम
Mon, 21 Jun 2021 01:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर
नीरज महाजन, अमर उजाला नेटवर्क, भराड़ी (बिलासपुर)
नीरज महाजन, अमर उजाला नेटवर्क, भराड़ी (बिलासपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 21 Jun 2021 01:22 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नरेश नड्डा ने बताया कि उन्होंने 12 वर्ष तक पतंजलि योग केंद्र हरिद्वार में सेवाएं दी। योग में नेशनल स्तर पर एक बार गोल्ड तो दो बार कांस्य पदक हासिल किया है। स्टेट लेवल योग प्रतिस्पर्धा में तीन बार गोल्ड मेडल हासिल किया है।
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नरेश नड्डा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरकार की उपेक्षा के कारण आज ओलंपिक पदक विजेता योग शिक्षक घर-घर वेल्डिंग का काम करने को मजबूर हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से अभी दो वर्ष के लिए विदेश में जाकर लोगों को योग सिखाने का मौका मिला ही था, लेकिन कोरोना ने कदम रोक दिए। वर्ष 2004 में स्पेन के मेड्रिड शहर में वर्ल्ड योग कप में भाग लेकर भारत को कांस्य पदक दिलवाया। लगातार नेशनल व स्टेट में भी पदक हासिल करने वाले बिलासपुर जिले के स्वारा गांव के नरेश नड्डा आज लोगों के घरों में काम कर परिवार का पेट पाल रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नरेश नड्डा ने बताया कि उन्होंने 12 वर्ष तक पतंजलि योग केंद्र हरिद्वार में सेवाएं दी। योग में नेशनल स्तर पर एक बार गोल्ड तो दो बार कांस्य पदक हासिल किया है। स्टेट लेवल योग प्रतिस्पर्धा में तीन बार गोल्ड मेडल हासिल किया है। अब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा उनका चयन मिश्र में जाकर वहां के लोगों को योग सिखाने के लिए हुआ था। लेकिन कोरोना के कारण वह विदेश नहीं जा पाए। नरेश नड्डा आजकल सुबह 4 बजे से ऑनलाइन योग सिखा रहे हैं।
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ऑनलाइन योग क्लास में बनारस, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड व दूसरे देशों के लोग भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन क्लास में युगांडा के कुछ लोग भी भाग ले रहे हैं। सुबह 4 बजे, 5 बजे व 6 बजे योगा की ऑनलाइन क्लास लगाई जाती हैं। दिन भर लोगों के घरों में वेल्डिंग का काम कर शाम को छह व सात बजे फिर से योग की क्लास लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि आज तक करीब पंद्रह सौ से ज्यादा शिविरों में 2 लाख से ज्यादा लोगों को योग सिखा चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1999 से योग में आए। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, आजकल योग सेंटर बंद हैं। जिस कारण कर वो 60 लोगों को ऑनलाइन योग सिखा रहे हैं। परिवार पालने के लिए दिन में दिहाड़ी का काम करना पड़ रहा है। सरकार की उपेक्षा भारी पड़ रही है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि जिंदगी का मूल मंत्र योग है। चलो विश्व को योग दिवस मनाएं, पूरे विश्व को स्वास्थ रहने का मंत्र बताएं।