अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन: शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में ढूंढा जा रहा बुढ़ापा घटाने का तोड़
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अंतरिक्ष में शुक्रवार से घूमता नजर आएगा। आईएसएस 20 अगस्त को छोड़कर आगामी दिनों मेें 27 अगस्त तक दिखेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में बुढ़ापा घटाने का तोड़ ढूंढा जा रहा है। इसमें बैठे वैज्ञानिक इस विषय पर शोध कर रहे हैं कि क्या माइक्रो ग्रेविटी में रहते हुए बुढ़ापे को धीमा या कम किया जा सकता है। इसके लिए ऊत्तकों को बनाती कोशिकाओं पर माइक्रो ग्रेविटी के असर का अध्ययन किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अंतरिक्ष में शुक्रवार से घूमता नजर आएगा। आईएसएस 20 अगस्त को छोड़कर आगामी दिनों मेें 27 अगस्त तक दिखेगा। यह स्टेशन शिमला से एक चमकीले तारे की तरह चलता हुआ नजर आएगा। अंतरिक्ष मेें पृथ्वी के चक्कर काटता हुआ यह स्टेशन विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा। नासा की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 19 अगस्त को यह स्टेशन तड़के 5:07 बजे दक्षिण से पूर्व दिशा की ओर जाता दिखेगा।
21 को यह सुबह 5:06 बजे दक्षिण-पश्चिम से पूर्वोत्तर की ओर छह मिनट दिखेगा। 22 को 4:20 बजे यह दक्षिण-पूर्व से पूर्वोत्तर की ओर चार मिनट दिखेगा। 23 को भी आधी रात के बाद 3:33 बजे एक मिनट के लिए यह पश्चिम से पूर्वोत्तर को जाता दिखेगा। 23 की सुबह 5:06 बजे पश्चिम से पूर्वोत्तर की ओर, वहीं, 24 को तड़के 4:20 बजे पश्चिमोत्तर से पूर्वोत्तर की तरफ तीन मिनट के लिए जाएगा। 25 अगस्त को पूर्वोत्तर मेें आधी रात के बाद 3:33 बजे एक मिनट के लिए, 25 को ही सुबह 5:07 बजे पश्चिमोत्तर से उत्तर दिशा में तीन मिनट और 26 को पश्चिमोत्तर से पूर्वोत्तर की ओर 4:20 बजे दो मिनट तक दिखेगा। 27 अगस्त को आधी रात के बाद 3:34 बजे एक मिनट के लिए पूर्वोत्तर में नजर आएगा।
अपना अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन लांच कर रहा है रूस
यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस ने अपना अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन बनाने की मुहिम शुरू की है। जबसे रूस पर पाबंदियां लगाई गई हैं, तबसे रूस अंतरिक्ष अभियान के लिए पश्चिमी देशों पर निर्भर नहीं रहना चाह रहा है। रूस ने पिछले दिनों अपने इस संभावित स्टेशन का एक मॉडल भी जारी किया है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के सदस्य अमेरिका, रूस, फ्र ांस, इटली आदि देशों की अंतरिक्ष संस्थाएं हैं।
दिल्ली में 20 को भी दिखेगा स्टेशन
नासा ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का दिल्ली का कार्यक्रम भी जारी किया है। 19 अगस्त को यह दिल्ली में तड़के 5:06 बजे पांच मिनट के लिए, 20 अगस्त को तड़के 4:20 बजे दक्षिण-पूर्व में दो मिनट के लिए, 21 अगस्त को 5:06 बजे छह मिनट दिखेगा।
पहले मूली उगाने का सफल प्रयोग हो चुका अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में इससे पहले मूली उगाने का भी सफल प्रयोग किया जा चुका है। यह प्रयोग दिसंबर 2020 मेें किया जा चुका है। एक अन्य प्रयोग मानव अंगों के कटने पर उन्हें दोबारा से जोड़ने पर भी हो चुका है।