फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   International Literature Festival UNMESH from 16th june at shimla, many celebrities including lyricist Gulzar arrived

International Literature Festival: अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के लिए शिमला तैयार, गीतकार गुलजार समेत कई हस्तियां पहुंचीं

Wed, 15 Jun 2022 09:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 15 Jun 2022 09:48 PM IST
सार

साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि 16 से 18 जून के बीच यह देश का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव होगा। ‘उन्मेष : अभिव्यक्ति का उत्सव’ शीर्षक से उत्सव आयोजित किया जा रहा है। 

विज्ञापन
International Literature Festival UNMESH from 16th june at shimla, many celebrities including lyricist Gulzar arrived
अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के लिए शिमला तैयार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव गुरुवार से हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर से 425 से अधिक लेखक, विद्वान, अनुवादक, फिल्मकार, कलाकार और पत्रकार भाग लेंगे। इसमें भाग लेने के लिए बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार गुलजार समेत कई गण्यमान्य प्रतिभागी शिमला पहुंच गए हैं।  इस उत्सव का आयोजन भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग भी सहयोग कर रहा है। बुधवार को साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि 16 से 18 जून के बीच यह देश का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव होगा। ‘उन्मेष : अभिव्यक्ति का उत्सव’ शीर्षक से आयोजित किए जा रहे इस उत्सव में 32 एलजीबीटीक्यू लेखक, 40 आदिवासी भाषाओं, 25 उत्तरी-पूर्वी क्षेत्रों, नौ प्रवासी भारतीय, नौ विदेशी लेखकों सहित 24 अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं के 300 लेखक उपस्थित रहेंगे।

विज्ञापन


यानी 64 आदिवासी-भारतीय भाषाओं में संवाद से युक्त यह उत्सव होगा। शिमला के गेयटी हेरिटेज कल्चर कांप्लेक्स के अलावा रिज क्षेत्र में छह स्थानों पर हो रहे इस उत्सव में देश के वरिष्ठतम रचनाकारों से लेकर युवा पीढ़ी के लेखक और कलाकार शामिल होंगे। इनमें 65 से ज्यादा कार्यक्रम होंगे। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में पुस्तकों की भूमिका, साहित्य और स्वतंत्रता आंदोलन, मीडिया साहित्य जैसे विषयों के अलावा साहित्य और सिनेमा, भारतीय कालजयी कृतियां और विश्व साहित्य, आदिवासी लेखकों के समक्ष चुनौतियां, रचना पाठ जैसे विभिन्न कार्यक्रम होंगे। चर्चित नामों में बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री, गौतम घोष, एसएल भैरप्पा, सई परांजपे, मोहम्मद आरिफ खान, नमिता गोखले, सुरजीत पातर, रघुवीर चौधरी, विश्वास पाटिल, रंजीत हॉस्कोटे, पॉल जकारिया, चंद्रशेखर कंबार समेत कई गण्यमान्य लोग शिमला आ रहे हैं। 
विज्ञापन


सोनल मान सिंह के भरतनाट्यम, नाथूलाल सोलंकी के नगाड़ा वादन की होगी प्रस्तुति
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत सोनल मान सिंह का भरतनाट्यम, पी जय भास्कर का ताल वाद्य कचेरी का गायन, नाथूलाल सोलंकी का नगाड़ा वादन, महमूद फारूकी की ओर से दास्तानगोई ‘दास्तान-ए-कर्ण’ की प्रस्तुति होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

साहित्य अकादमी ने गौथिक सभागार से जोड़ दिया ब्रिटिश हुकूमत के ‘वायसराय’ का नाम 

International Literature Festival UNMESH from 16th june at shimla, many celebrities including lyricist Gulzar arrived
अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के लिए सजा गेयटी थियेटर। - फोटो : अमर उजाला

साहित्य अकादमी ने शिमला के ऐतिहासिक गौथिक सभागार से ब्रिटिश हुकूमत में भारत के प्रमुख रहे ‘वायसराय’ का नाम खुद से ही जोड़ दिया। अकादमी ने गेयटी थियेटर के गौथिक हाल का नाम वायसराय सभागार रखा है। यह नाम किस किताब में लिखा है, इसका जवाब अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव नहीं दे पाए। आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में पहली बार शिमला में होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय उत्सव के बीच भी अंग्रेजी हुकूमत का मोह नहीं छोड़ पाने पर सवाल उठ रहे हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और साहित्य अकादमी के इस संयुक्त आयोजन की विश्व स्तर पर चर्चा है। यह उत्सव गेयटी थियेटर के सभी प्रमुख सभागारों में हो रहा है। अंग्रेजों के जमाने में जिस हाल में नाटक होते थे, उसे गौथिक सभागार जरूरत कहा जाता है, मगर वायसराय सभागार नाम इसे पहली दफा दिया गया है।

‘उन्मेष : अभिव्यक्ति का उत्सव’ नाम से एक पुस्तिका भी छपवाई गई है। इसमें दी कार्यसूची में ‘वायसराय सभागार’ का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम तय हुए हैं। 16 जून को गुलजार भी इसी हाल में साहित्य और सिनेमा पर परिचर्चा की अध्यक्षता करेंगे। 18 जून को बुकर अवार्ड विजेता गीतांजलि श्री भी इसी में भारतीय भाषाओं में महिला लेखन विषय पर परिचर्चा में भाग लेंगी। 
वीरवार को पत्रकार वार्ता में अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि कहीं इसका उल्लेख होगा, तभी जोड़ा गया होगा। यह उल्लेख कहां है, वह इसे नहीं बता पाए। राज्य भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक पंकज ललित भी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। 

गौथिक सभागार में रिजर्व जगह पर नाटक देखने बैठते थे वायसराय 
अंग्रेजों के शासनकाल में गौथिक सभागार में तत्कालीन वायसराय एक रिजर्व जगह पर नाटक देखने बैठते थे। यह बीच की एक बालकनी थी। किनारे वाली बालकनियों में कमांडर-इन-चीफ और पंजाब के गवर्नर बैठते थे। इससे ज्यादा कहीं कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान जिसे वायसरीगल लॉज कहते थे, वहां पर जरूर वायसराय बेंक्वेट था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed