अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा: बजंतरियों का भत्ते 10 फीसदी बढ़ेगा, उपमुख्यमंत्री मुकेश ने की घोषणा
कुल्लू दशहरा उत्सव का समापन बुधवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया। उन्होंने सभी लोगों को दशहरा की बधाई दी।
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दशहरा में भाग लेने वाले देवी-देवताओं के बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की गई है। अटल सदन कुल्लू में दशहरा के समापन पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसकी घोषणा की। इस पर देवताओं के बजंतरितों ने खुशी जताई है। कुल्लू में भारी बारिश के चलते अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का समापन समारोह अटल सदन में किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में पेयजल सुविधा को सुदृढ़ बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि आपदा न्यूनीकरण कार्यों के लिए 158 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं। ब्यास नदी के किनारे जिन क्षेत्रों में बाढ़ से बचाव के लिए कार्य किए गए हैं, वहां आपदा के दौरान कम क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि रायसन में 8.73 करोड़, मनाली में ब्यास नदी के राइट बैंक में 8.65 करोड़, वृद्धा आश्रम के पास 8.34 करोड़, कुल्लू राफ्टिंग सेंटर के पास 3 करोड़ और गोसदन के समीप 4.35 करोड़ से बाढ़ नियंत्रण के काम किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष 58 करोड़ रुपये भी जिले में ही व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कुल्लू दशहरा प्रदेश की देव संस्कृति, आस्था, एकता और लोकसंस्कृति का जीवंत प्रतीक है। यह न केवल हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा उत्सव है, बल्कि प्रदेश की पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करने वाला पर्व भी है। सरकार देव संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पर्यटन विकास के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए सरकार ने त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जिससे जनजीवन शीघ्र सामान्य स्थिति में लौट पाया।
अंतिम दिन बुधवार को कुल्लू कार्निवल का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कार्निवल का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला भर के सांस्कृतिक दलों ने ठेठ ग्रामीण संस्कृति का प्रदर्शन किया। कुल्लू कार्निवल में कुल्लवी संस्कृति की झलक देखने को मिली। महिला मंडलों की महिलाओं ने ढालपुर मालरोड में झांकी निकाली गई। महिलाओं की उपस्थिति से ढालपुर का मालरोड रंग-बिरंगा नजर आया। कार्निवल में जिले के विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों, लोकगीतों और नाट्य-नृत्यों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक पेश की। कार्निवल में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उप मुख्यमंत्री ने ढालपुर मैदान में विभागीय प्रदर्शनियों का भी निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे विकासात्मक कार्यों की जानकारी ली।
कुल्लू दशहरा से लाैटने लगे निरमंड,आनी और बंजार के देवी-देवता
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में पहुंचे देवी देवता के हारियान बुधवार सुबह से ही देवी-देवताओं के साथ देवालय की ओर लौटने लगे हैं। सुबह उठते ही दूरदराज क्षेत्र निरमंड,आनी और बंजार घाटी के देवलू अस्थायी शिविर समेटकर देवी देवताओं सहित ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुए। हालांकि, कुछ देवी-देवताओं का रथ यात्रा में शामिल होना जरूरी होता है। ऐसे में ये देवी-देवता अभी अस्थायी शिविर में विराजमान हैं।