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कुल्लू दशहरा में रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल होंगे महज 100 लोग
Mon, 12 Oct 2020 05:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 12 Oct 2020 05:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का शुभारंभ 25 अक्तूबर से होगा। लेकिन, इस बार देवी-देवताओं के बिना न पहले जैसी भव्यता होगी और न ही लोगों के बिना रौनक। रथयात्रा में हजारों की संख्या में उमड़ने वाले लोग नजर नहीं आएंगे। कोरोना को देखते हुए इस बार कुल्लू जिले के आराध्य भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में महज 100 लोग ही शामिल हो पाएंगे।
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न देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा और न ही सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। व्यापारी दुकानें नहीं लगा पाएंगे और न ही नाटी होगी। रथयात्रा में छह देवताओं के निशान ही शामिल होंगे। विदेशी कलाकार भी नहीं आएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ही दशहरे की परंपरा को निभाया जाएगा। यह पहली बार होगा कि रथ को कुछ लोग खींचेंगे। हालांकि भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा में शामिल होने वाले सभी लोगों को 48 घंटे पूर्व अपनी कोरोना जांच करवानी होगी।
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रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की जाएगी। शिक्षा मंत्री एवं दशहरा उत्सव कमेटी के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव का आयोजन इस बार कोरोना के चलते सूक्ष्म तरीके से किया जाएगा। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, सदर विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक आनी किशोरी लाल ने भी अपने विचार रखे।
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हर साल पहुंचते हैं तीन हजार कारोबारी
दशहरा उत्सव में दशहरा उत्सव समिति को करीब दस करोड़ रुपये की आय होती है। इसके अलावा देशभर से करीब तीन हजार से अधिक कारोबारी भाग लेते हैं और सैकड़ों करोड़ का कारोबार होता है। सात दिनों तक चलने वाले दशहरा में करीब दो हजार कलाकार प्रस्तुति देते हैं। इसमें करीब एक दर्जन विदेशी और देशभर के लगभग डेढ़ से दो दर्जन राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं। लेकिन इस बार ऐसी गतिविधियां नहीं होंगी।