अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी प्रियंका नेगी बोलीं, क्रिकेट के बाद कबड्डी का सबसे ज्यादा क्रेज
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क्रिकेट के बाद देश में सबसे ज्यादा कबड्डी का क्रेज है। अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल में भी ठोस खेल नीति बनाने की जरूरत है। खिलाड़ी देश का मान बढ़ाने को अपना पसीना बहाते हैं।
प्रदेश में पॉलिसी बनने पर स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी में किसी तरह का भेदभाव नहीं हो सकेगा। यह कहना है भारत को एशियन कबड्डी चैंपियनशिप का खिताब दिलाने वाली प्रियंका नेगी का। ईरान से जीतकर लौटी प्रियंका ने पांवटा साहिब में पत्रकारों से बातचीत की।
कहा कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नौकरी नहीं मिलने पर मजबूरन पलायन कर जाते हैं। प्रदेश से प्रतिभाओं का पलायन रोकना जरूरी है। हरियाणा सरकार की तर्ज पर खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल पर तय लाखों के नकद इनाम और बेहतर स्पोर्ट्स पॉलिसी को बढ़ावा मिले।
युवा खिलाड़ियों को मिले परशुराम अवार्ड
प्रियंका से जब पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार गोल्ड व सिल्वर मेडल वाली खिलाड़ी को एसआई पद और एक सिल्वर मेडल पर डीएसपी पद मिलना कहां तक सही है।
इस सवाल के जवाब को टालते हुए प्रियंका ने कहा कि इसीलिए ठोस पॉलिसी की बात कही गई है, जिससे सभी खिलाड़ियों को उनका वाजिब हक मिल सके। प्रदेश में युवा खिलाड़ियों को परशुराम अवार्ड हर वर्ष दिया जाना चाहिए।
प्रियंका ने कहा कि आज क्रिकेट के बाद देश में कबड्डी का खूब क्रेज है। प्रो कबड्डी को भी इसका श्रेय जाता है। गिरिपार में कबड्डी की प्रतिभाएं छिपी हैं। शिलाई में कबड्डी हॉस्टल, बेहतर कोच कोच हों और कबड्डी की अकादमी खोली जाए।