फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Inter-district transfer dispute of teachers will be settled in the himachal cabinet meeting

हिमाचल: कैबिनेट में होगा शिक्षकों के अंतर जिला तबादला विवाद का निपटारा

Tue, 05 Apr 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 05 Apr 2022 05:00 AM IST
सार

 जेबीटी, सीएंडवी शिक्षकों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण के बाद नियमितीकरण का मामला फंसा हुआ है। सरकार ने कार्मिक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस बाबत हल निकालने के निर्देश दिए थे। कार्मिक विभाग की रिपोर्ट तैयार हो गई है। 

विज्ञापन
Inter-district transfer dispute of teachers will be settled in the himachal cabinet meeting
शिक्षकों के अंतर जिला तबादला विवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अंतर जिला तबादला विवाद का कैबिनेट बैठक में निपटारा होगा। जेबीटी, सीएंडवी शिक्षकों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण के बाद नियमितीकरण का मामला फंसा हुआ है। सरकार ने कार्मिक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस बाबत हल निकालने के निर्देश दिए थे। कार्मिक विभाग की रिपोर्ट तैयार हो गई है। कार्मिक विभाग ने दूसरे जिलों में वरिष्ठता का लाभ नहीं देने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को लेकर अब कैबिनेट बैठक में अंतिम फैसला होगा। 25 हजार जेबीटी और 18 हजार सीएंडवी शिक्षकों का सेवाकाल में सिर्फ  एक बार अंतर जिला स्थानांतरण करने को सरकार ने मंजूरी दी है। दोनों श्रेणियों की जिलावार कैडर संख्या का पांच प्रतिशत स्थानांतरण एक वर्ष के दौरान किया जाएगा।

विज्ञापन


अनुबंध सेवाकाल को जोड़कर पांच वर्ष सेवा पूरी करने वाले शिक्षक इसके लिए पात्र होंगे। शादी होने पर जिला बदलने की सूरत में महिला अध्यापकों को न्यूनतम सेवाकाल की शर्त से छूट दी गई है। जेबीटी और सीएंडवी शिक्षकों के पहले 13 वर्ष का सेवाकाल पूरा होने पर दूसरे जिलों में तबादले होते थे। सरकार ने इस अवधि को घटाकर पांच वर्ष कर दिया है। बीते दिनों कुछ शिक्षकों ने दूसरे जिलों में स्थानांतरण करवाया है। स्थानांतरण के बाद इन शिक्षकों की नियमितीकरण के समय वरिष्ठता अन्य शिक्षकों के मुकाबले कम हो गई है। इसको लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार से मामले पर विचार करने की मांग उठाई थी। अब सात अप्रैल हो प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस मामले को हल किया जाएगा। कार्मिक विभाग वरिष्ठता देने के हक में नहीं है। ऐसे में अब सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर शिक्षकों की नजरें टिकी हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed