Sirmour News: 27 जून को नीलाम होगी करोड़ों के घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक
बहुचर्चित कर एवं बैंक कर्ज घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की नीलामी प्रक्रिया फिर अपनाई जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य कर विभाग ने कंपनी की शेष चल-अचल संपत्तियों की नीलामी 27 जून को निर्धारित की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
4,300 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कर एवं बैंक कर्ज घोटाले में फंसी इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की नीलामी प्रक्रिया फिर अपनाई जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य कर विभाग ने कंपनी की शेष चल-अचल संपत्तियों की नीलामी 27 जून को निर्धारित की है। साथ ही इसी साल 18 जनवरी को 6.36 करोड़ की हुई पिछली नीलामी को हाईकोर्ट ने खरीदार बद्दी की अग्रवाल इंटरप्राइजेज के राजिंद्र अग्रवाल के पक्ष में मंजूरी दे दी है। प्राधिकृत अधिकारी ने यह राशि एफडीआर के तौर पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के नाम जमा करवा दी है। अब विभाग कंपनी की अन्य चल-अचल संपत्तियों की नीलामी करेगा। तीन सेक्टरों में बंटी यह कंपनी कुल 265 बीघा भूमि में फैली है। विभाग ने कंपनी की हर संपत्ति का अलग-अलग मूल्य निर्धारित किया है।
इसमें भूमि से लेकर भवन और शेड, प्लांट और मशीनरी, वाहन, स्विच यार्ड, ब्रिक लाइन आदि लॉट शामिल हैं। पिछली नीलामी में विभाग ने इसका आरक्षित मूल्य 165 करोड़ रखा था। इसमें 6.36 करोड़ की नीलामी होने के बाद अब 159 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। राज्यकर विभाग के संयुक्त आयुक्त एवं प्राधिकृत अधिकारी जीडी ठाकुर ने बताया कि 27 जून को फिर नीलामी होगी। पिछली नीलामी राशि (6,36,23,651 रुपये) का 100 फीसदी अग्रिम भुगतान जमा हो चुका है। नीलामी के लिए निविदा पुस्तक एक मई से प्राधिकृत अधिकारी सह संयुक्त आयुक्त दक्षिण प्रवर्तन जोन परवाणु के कार्यालय में उपलब्ध होगी।
क्या हुआ नीलाम
पिछली नीलामी में पांच लॉट के लिए बद्दी की अग्रवाल इंटरप्राइजेज के राजेंद्र अग्रवाल ने बोली लगाई थी। इसमें 14 वाहन खरीद को 33.21 लाख में बोली लगी। पहले लॉट की बोली 34.51 लाख, पुरानी एटीपी प्लांट की 2.23 करोड़, एटीपी स्टोर की बोली 53 लाख में फाइनल हुई। छोटे लॉट प्लांट एंड मशीनरी 1.36 करोड़ और कंपनी परिसर में बने दो शेड की बोली 1.55 करोड़ में हुई।
2014 में सील हुई थी कंपनी
घोटाले में फंसी कंपनी को वर्ष 2014 में सील किया गया था। उस वक्त इसकी कीमत करीब 5,000 करोड़ थी। वर्तमान में इसका आरक्षित मूल्य 165 करोड़ तय किया गया है। इसमें कुछ नीलामी हो चुकी है। इससे पहले 2019 और 2021 में भी नीलामी प्रक्रिया अमल में लाई गई थी। इस दौरान दोनों बार कोई बोली नहीं हो सकी थी।
2008 से 2014 तक 2,175 करोड़ वैट चोरी
इंडियन टेक्नोमैक कंपनी ने 2008 से 2014 तक 2,175 करोड़ का वैट (मूल्य वर्द्धित कर) चोरी किया था। इसका खुलासा 2014 में राज्य कर एवं आबकारी विभाग की इंटेलिजेंस यूनिट की टीम ने किया था। कंपनी प्रबंधकों ने करीब एक दर्जन बैंकों से धोखाधड़ी कर 1,600 करोड़ का कर्ज भी लिया था।