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भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद: अब हिंदी, पंजाबी और तमिल में भी कर सकेंगे इंजीनियरिंग की पढ़ाई

Thu, 19 May 2022 09:29 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/सुंदरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/सुंदरनगर Published by: Krishan Singh Updated Thu, 19 May 2022 09:29 PM IST
सार

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रम की पुस्तकों को प्रकाशित करने की पहल की है। खास बात यह है कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों को वितरित करने के लिए एआईसीटीई की पहल शुरू की है।

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Indian Council of Technical Education: Now engineering studies can be done in local languages too
पुस्तक वितरण को लेकर बैठक आयोजित । - फोटो : संवाद

विस्तार

राजकीय इंजीनियरिंग और बहुतकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी अब अंग्रेजी के साथ हिंदी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु में भी इंजीनियरिंग कर सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम की पुस्तकें स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध होंगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रम की पुस्तकों को प्रकाशित करने की पहल की है। हिमाचल देश का पहला राज्य है, जिसने डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों को प्रदेश की लाइब्रेरी में रखा है। अन्य भारतीय भाषाओं में प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है।  नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के लिए स्थानीय भाषा में भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का प्रावधान है।

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यह जानकारी एआईसीटीई के उपाध्यक्ष प्रो. एमपी पूनिया ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर में डिप्लोमा एवं स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हिंदी माध्यम पुस्तक वितरण को लेकर आयोजित बैठक में दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। एआईसीटीई ने कुछ विषयों के लिए प्रथम वर्ष के डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए दस भाषाओं में किताबें तैयार की हैं। अन्य पुस्तकों को डिजाइन करने की प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और पालीटेक्निक, तकनीकी शिक्षा निदेशालय और सचिव हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड को हिंदी माध्यम पुस्तकें छात्रों के बीच व्यापक जागरूकता और पुस्तकालय में पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए वितरित की गईं है। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक प्रदेश तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुनील कुमार वर्मा ने की। 
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यह होगा खास
डिजाइन की गई पुस्तकों में इकाई परिणाम, पाठ्यक्रम परिणाम, संबंधित समस्याएं, प्रयोग, सीखने के संसाधन, व्यावहारिक अध्याय से संबंधित ट्यूटोरियल शामिल हैं। जो छात्रों को अच्छी तरह से समझने में मदद कर सकते हैं। तकनीकी शिक्षा हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में विभिन्न तकनीकी संस्थानों को एआईसीटीई की ओर से अनुशंसित पुस्तकें प्रदान करने की पहल की गई है।
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