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कोरोना को मात देने वालों में बढ़ा टीबी का खतरा, आईसीएमआर ने किया शोध
Wed, 28 Jul 2021 11:03 AM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 28 Jul 2021 11:03 AM IST
सार
चंबा जिले में अब तक 11 हजार से अधिक लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। ठीक हो चुके कई मरीजों में खांसी की शिकायत हो रही है।
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टीबी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ होने वाले लोगों में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) बीमारी का खतरा बढ़ गया है। ऐसे लोगों को टीबी से बचाने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की टीम निरीक्षण के लिए जल्द चंबा का दौरा करेगी। आईसीएमआर यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी तैनात करेगी।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कोविड इलाज के दौरान स्टेरॉयड का इंजेक्शन लगवाने वाले मरीज भले ही कोरोना को मात दे चुके हैं, लेकिन ऐसे मरीजों को अब टीबी रोग चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे रोगियों की पहचान कर तुरंत उनका उपचार शुरू करेगा।
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चंबा मेडिकल कॉलेज में तैनात एमडी मेडिसिन डॉ. संजय कश्यप ने बताया कि आईसीएमआर की ओर से जल्द ही एक टीम चंबा भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को हराने के बाद स्वस्थ होने वाले लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों में जाने से परहेज करना चाहिए।
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रोजाना की डाइट पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे लोग प्रोटीन युक्त आहार का लें। घरों में सफाई रखें। गंदगी वाले स्थानों से दूरी बनाकर रखें। उल्लेखनीय है कि चंबा जिले में अब तक 11 हजार से अधिक लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। ठीक हो चुके कई मरीजों में खांसी की शिकायत हो रही है। ऐसे में टीबी की आशंका बन रही है। संवाद
आईसीएमआर ने किया है शोध
आईसीएमआर ने शोध किया है कि कोरोना के इलाज के दौरान स्टेरॉयड के इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों में टीबी के लक्षण दिख रहे हैं। चंबा में पहले से ही टीबी के मरीज ज्यादा हैं, इसलिए आईसीएमआर के विशेषज्ञ डॉक्टर यहां निरीक्षण करने आएंगे।