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हिमाचल: चार दिन पैदल चलकर 6620 मीटर ऊंची गंगथांगला चोटी पर फहराया तिरंगा
Mon, 16 Aug 2021 05:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)/केलांग/काजा
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)/केलांग/काजा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 16 Aug 2021 05:54 PM IST
सार
डोगरा स्काउट के जवानों ने बर्फ से लदी चोटियों पर तिरंगा फहराकर युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
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डोगरा स्काउट समदो के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर डोगरा स्काउट समदो के जवानों ने 6620 मीटर ऊंची गंगथांगला चोटी पर तिरंगा फहराया। इसके अलावा जवानों ने दो और चोटियों पर भी तिरंगा फहराया है। मानेरंग पास और आईबेक्स चोटी इसमें शामिल रही। डोगरा स्काउट त्रिपिक ब्रिगेड के जवानों ने इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई थी।
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लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार ने बताया कि मानेरंग, गंगथांगला और आईबेक्स चोटी पर चार दिन की ट्रैकिंग के बाद टीमें पहुंची। इन तीनों चोटियों तक पहुंचने के लिए ट्रैक काफी चुनौतीपूर्ण और खतरों से भरा है। यह अभियान भारत-पाक के बीच 1971 में हुए युद्ध की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर चलाया गया। डोगरा स्काउट के जवानों ने बर्फ से लदी चोटियों पर तिरंगा फहराकर युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
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स्की स्लोप पर 60 मीटर लंबे 40 मीटर चौड़े दो तिरंगे बनाए
जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के क्वांग गांव में आजादी की 75वीं वर्षगांठ को ग्रामीणों ने विशेष बना दिया। पहली बार यहां स्की स्लोप पर दो राष्ट्रीय ध्वज बनाए गए। 60 मीटर लंबे और 40 मीटर चौड़े दो तिरंगे बनाए। प्रशासन के अलावा युवाओं और होटेलियर एसोसिएशन ने इसमें सहयोग किया।
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महज एक हफ्ते में दोनों झंडे बनाए गए। जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग का भी योगदान रहा। उपायुक्त पंकज कुमार ने कहा कि सभी लोगों ने पहाड़ी पर राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया।