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बजट की नौ फीसदी राशि जनजातीय उपयोजनाओं में होगी खर्च

Tue, 08 Jan 2019 11:51 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Tue, 08 Jan 2019 11:51 AM IST
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in himachal 9% of the budget will be spent in Tribal Sub Plan

 प्रदेश के जनजातीय जिलों में खर्च की जा रही केंद्रीय योजनाओं की राशि भी जनजातीय उपयोजना की नौ फीसदी राशि में शामिल की जा रही है। इससे जनजातीय क्षेत्रों के लिए आने वाली राशि अलग से खर्च नहीं हो पा रही। जनजातीय उपयोजना में प्रदेश के कुल बजट का नौ फीसदी हिस्सा रखा जाता है। यह जनजातीय क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों सड़कों, पुलों, स्कूल, कॉलेजों के भवनों स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों के लिए व्यय की जाती है।

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केंद्रीय योजनाओं की जो राशि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अलग से खर्च की जानी थी, उसे भी जनजातीय उपयोजना राशि में शामिल किया जा रहा है।  वर्ष 2012 से केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं में हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों के लिए आने वाली राशि को भी हिमाचल के जनजातीय उपयोजना की निर्धारित नौ फीसदी राशि में शामिल किया जा रहा है।

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बीएडीपी के लिए हर साल 30 करोड़

in himachal 9% of the budget will be spent in Tribal Sub Plan

जबकि नौ फीसदी राशि प्रदेश के बजट से ही खर्च की जानी चाहिए थी। पहले केंद्र सरकार बोर्ड एरिया विकास प्रोजेक्ट (बीएडीपी) के लिए हर साल 30 करोड़ अलग से राशि जारी करती थी। यह राशि जनजातीय क्षेत्रों के बार्डर की सड़कें बनाने और सड़कों की मरम्मत के नाम आती थी।

अब बीएडीपी की राशि भी जनजातीय उपयोजना में शामिल की जाती है। इसके अलावा साल 2014 के बाद से हिमाचल पावर कारपोरेशन को भी 120 करोड़ की राशि जनजातीय उप योजना से हर साल दी जाती है। 

जनजातीय विकास मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा कहते हैं कि केंद्रीय योजनाओं से मिलने वाली राशि सहित  बीएडीपी की राशि को भी जनजातीय उप योजना के नौ फीसदी बजट में मिलाया जा रहा है। जबकि केंद्रीय योजनाओं की राशि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अलग से  व्यय होनी चाहिए। सरकार बीएडीपी राशि अलग से जुटा रही है।  

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