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विस में गूंजा मशोबरा के गांवों में छाया ब्लैक आउट का मामला
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विधायक अनिरुद्ध ने अमर उजाला में छपी खबर का जिक्र करते हुए की समाधान की मांग
सरकार ने दिए तुरंत समाधान करने के आदेश
पंकज चौहान
शिमला। मशोबरा के आधा दर्जन गांवों में चार दिन से चल रहे ब्लैक आउट का मामला शुक्रवार को विधानसभा में भी गूंजा। अमर उजाला ने मशोबरा के आधा दर्जन गांवों में तीन दिन से ब्लैक आउट शीर्षक से इस मामले को उठाया था। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में अमर उजाला में छपी खबर का जिक्र करते हुए इस मुद्दे को उठाया तथा जल्द समाधान की मांग की। शाम को इन गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल भी हो गई। मशोबरा के साथ लगते धार, कुफ्टू, कंडी, चैवण और शिलड़ू गांवों चार दिन से बिजली नहीं है। इस कारण सैकड़ों लोग परेशान हैं। लोगों ने रोष जताया है कि शिकायतों के बावजूद विद्युत बोर्ड समस्या को हल नहीं कर रहा। सरकार के समक्ष यह मामला उठाते हुए विधायक ने इस समस्या का जल्द हल करने का आग्रह किया। विधानसभा के दौरान सरकार ने इस मामले को मुख्य समस्या बताकर इसके जल्द समाधान करने के आदेश दिए हैं। मशोबरा में दो बार ट्रांसफार्मर जलने से इन गांवों को बिजली की समस्या झेलनी पड़ रही है। वहीं शाम छह बजे गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। यह जानकारी ग्रामीण पूर्णचंद ने दी। लोगों का आरोप है कि बिजली बोर्ड के कार्यालय में शिकायत करते हैं लेकिन कुछ नहीं होता। चार दिन से इन गांवों के लोग कड़ाके की सर्दी में दिन गुजारने को मजबूर हैं। वहीं एसडीओ ईश्वरी वर्मा ने दावा किया है कि शुक्रवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अब इन गांवों में बिजली की कोई समस्या नहीं रहेगी।
लोगों ने कर्मचारियों के साथ खुद पहुंचाया ट्रांसफार्मर
विस में मामला गूंजने के बाद शुक्रवार को गांव में नया ट्रांसफार्मर भी पहुंच गया। विद्युत बोर्ड के पास पर्याप्त कर्मचारी न होने से गांवों के लोगों ने ट्रांसफार्मर को गांव तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद ट्रांसफार्मर को स्थापित करने की कवायद शुरू की।
लोग बोले-कर्मचारी करते हैं दुर्व्यवहार
ग्रामीण राकेश, गोपाल, इंदर ठाकुर, पूर्ण चंद और पंकज ने बताया कि बिजली बोर्ड के कुछ कर्मचारियों को जब पावर कट बारे में बताया जाता है तो वह दुर्व्यवहार पर उतर जाते हैं। बिजली न होने से स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे। लोगों ने सरकार से मांग की है कि मशोबरा के गांव धार, कुफ्टू, कंडी, चैवण और शिलड़ू में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
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सरकार ने दिए तुरंत समाधान करने के आदेश
पंकज चौहान
शिमला। मशोबरा के आधा दर्जन गांवों में चार दिन से चल रहे ब्लैक आउट का मामला शुक्रवार को विधानसभा में भी गूंजा। अमर उजाला ने मशोबरा के आधा दर्जन गांवों में तीन दिन से ब्लैक आउट शीर्षक से इस मामले को उठाया था। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में अमर उजाला में छपी खबर का जिक्र करते हुए इस मुद्दे को उठाया तथा जल्द समाधान की मांग की। शाम को इन गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल भी हो गई। मशोबरा के साथ लगते धार, कुफ्टू, कंडी, चैवण और शिलड़ू गांवों चार दिन से बिजली नहीं है। इस कारण सैकड़ों लोग परेशान हैं। लोगों ने रोष जताया है कि शिकायतों के बावजूद विद्युत बोर्ड समस्या को हल नहीं कर रहा। सरकार के समक्ष यह मामला उठाते हुए विधायक ने इस समस्या का जल्द हल करने का आग्रह किया। विधानसभा के दौरान सरकार ने इस मामले को मुख्य समस्या बताकर इसके जल्द समाधान करने के आदेश दिए हैं। मशोबरा में दो बार ट्रांसफार्मर जलने से इन गांवों को बिजली की समस्या झेलनी पड़ रही है। वहीं शाम छह बजे गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। यह जानकारी ग्रामीण पूर्णचंद ने दी। लोगों का आरोप है कि बिजली बोर्ड के कार्यालय में शिकायत करते हैं लेकिन कुछ नहीं होता। चार दिन से इन गांवों के लोग कड़ाके की सर्दी में दिन गुजारने को मजबूर हैं। वहीं एसडीओ ईश्वरी वर्मा ने दावा किया है कि शुक्रवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अब इन गांवों में बिजली की कोई समस्या नहीं रहेगी।
लोगों ने कर्मचारियों के साथ खुद पहुंचाया ट्रांसफार्मर
विस में मामला गूंजने के बाद शुक्रवार को गांव में नया ट्रांसफार्मर भी पहुंच गया। विद्युत बोर्ड के पास पर्याप्त कर्मचारी न होने से गांवों के लोगों ने ट्रांसफार्मर को गांव तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद ट्रांसफार्मर को स्थापित करने की कवायद शुरू की।
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लोग बोले-कर्मचारी करते हैं दुर्व्यवहार
ग्रामीण राकेश, गोपाल, इंदर ठाकुर, पूर्ण चंद और पंकज ने बताया कि बिजली बोर्ड के कुछ कर्मचारियों को जब पावर कट बारे में बताया जाता है तो वह दुर्व्यवहार पर उतर जाते हैं। बिजली न होने से स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे। लोगों ने सरकार से मांग की है कि मशोबरा के गांव धार, कुफ्टू, कंडी, चैवण और शिलड़ू में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
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