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अवैध खनन पर वाहन जब्त, नीलाम की जाएगी सामग्री

Sat, 02 Jul 2016 06:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना Updated Sat, 02 Jul 2016 06:49 PM IST
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Illegal mining: seized vehicles will be made govt asset
बैठक की अध्यक्षता करते उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल सरकार जल्द अवैध खनन कानून में संशोधन करने जा रही है। अब अवैध खनन करते वाहन पकड़ा गया तो उसे जब्त किया जाएगा। साथ ही अवैध सामग्री को भी नीलाम किया जाएगा। खनन अधिकारियों को वकीलों का पैनल चुनने का अधिकार होगा। ये अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां लगाने को विभिन्न प्रक्रियाएं सरल बनाई जाएंगी।

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इसके लिए श्रम और रोजगार विभाग ने 109 बिंदुओं का एक्शन प्लान बनाया है। 97 बिंदुओं पर कार्यवाही पूरी कर ली है। विभाग ने उद्योगों की निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनाने को राज्य श्रम निरीक्षण नीति बनाई है। यह जानकारी उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दी। वह ऊना जिले के बाथू में श्रम एवं रोजगार विभाग के अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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बैठक में उद्योग, श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रधान सचिव आरडी धीमान, श्रम आयुक्त अभिषेक जैन, संयुक्त श्रम आयुक्त एसके कौशल और सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा केसी वर्मा मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे ऐसे संतुलन बनाकर चलें, जिससे उद्योग भी प्रभावित न हों और कामगारों के हितों की भी अनदेखी न हो।
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विभाग कारखाना अधिनियम में उद्योगों का पंजीकरण और नवीनीकरण ऑनलाइन कर रहा है। इसमें अभी 2650 उद्योगों ने पंजीकरण करवाया है। कहा कि विभाग ने हाल ही में हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में खड्डों की खुली नीलामी की है। इससे सरकार को सालाना लगभग 30 करोड़ का राजस्व रॉयल्टी के रूप में मिलेगा। अन्य जिलों में भी नीलामी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

वाई-फाई से लैस होंगे रोजगार कार्यालय  

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी रोजगार कार्यालयों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इन्हें मॉडल कैरियर केंद्रों में बदला जा रहा है। इसकी शुरुआत में ऊना और शिमला में मॉडल कैरियर केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ऊना के मॉडल कैरियर केंद्र में आईटी लैब


और हॉल के निर्माण पर अभी तक 39 लाख से अधिक राशि खर्च की गई है। शेष 20 लाख खर्च कर इसे दो-तीन महीनों में क्रियाशील किया जाएगा। बताया कि पालकवाह में प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर सितंबर-अक्तूबर तक तैयार होगा।

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