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जांच में बड़ा खुलासा, जंगलों में बिना मंजूरी काट डाले खैर के 25 हजार पेड़

Sun, 25 Feb 2018 01:43 PM IST
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Sun, 25 Feb 2018 01:43 PM IST
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Illegal felling of 25 thousand trees in naina devi forest

श्रीनयना देवी रेंज में शुरू हुई अवैध पेड़ कटान मामले की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। रेंज के पांच वन खंडों में बिना मंजूरी खैर के 25 हजार पेड़ काट दिए हैं। पीएमओ को दी शिकायत पर शुरू हुई विजिलेंस जांच में सलोआ वन खंड में ही छह हजार खैर के पेड़ों के ठूंठ मिले हैं। कई पेड़ों की तो जड़ें खोदकर भी ले गए हैं।

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यह अवैध कटान 2015-16 में हुआ है। सलोआ वन मंडल की जांच पूरी करने के बाद विजिलेंस जल्द ही पहली एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। इसमें कई अफसर और नेता भी लपेटे में आ सकते हैं। मामला हाई प्रोफाइल होने और जांच जारी होने का हवाला देकर विजिलेंस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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विजिलेंस के सूत्रों के अनुसार श्रीनयना देवी क्षेत्र के पांच वन खंडों में पूर्व की सरकार में खैर का अवैध कटान हुआ है। यहां से खैर के पेड़ों को काटकर रातों-रात दूसरे राज्यों में पहुंचा दिया गया। क्षेत्र के एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पूरे मामले की शिकायत भेजी थी। इसमें हजारों खैर के पेड़ काटने का आरोप था।
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पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद विजिलेंस ने इस मामले की जांच शुरू की। मामले की जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में करीब 25000 खैर के पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी संजीव भाटिया का कहना है कि अभी जांच जारी है।

जांच प्रभावित न हो, इसलिए अभी कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उधर, स्टेट विजिलेंस के प्रवक्ता आईजी अरविंद शारदा का कहना है कि उनके पास खैर कटान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। वह अभी इस मामले में कुछ नहीं बोल सकते हैं।

कैसे दिया अवैध खैर कटान को अंजाम

Illegal felling of 25 thousand trees in naina devi forest

वर्ष 2015-16 में सरकार ने श्रीनयना देवी क्षेत्र में निजी भूमि से खैर कटान से प्रतिबंध हटाया। साथ ही वन विभाग को सरकारी जंगलों से सूखे और गिर चुके 700 खैर के पेड़ों को काटने की अनुमति दी।

इसी की आड़ में वन काटुओं में क्षेत्र के पांचों वन खंडों से खैर के पेड़ों का सफाया कर दिया। यह कटान 2017 में भी जारी रहा। अब यहां पर पेड़ों के ठूंठ और खोदी गई जड़ें ही बची हैं। सूत्र बताते हैं कि इसमें कई नेताओं और रसूखदारों का भी हाथ हो सकता है। विभाग के अधिकारी और गार्ड मूकदर्शक बने रहे।

इन पांच वन खंडों में हुआ अवैध कटान
श्रीनयना देवी क्षेत्र के तहत आने वाले पांच वन खंडों सलोआ, भाखड़ा ग्वालथाई, बड़ोह, कोट और बस्सी में अवैध खैर कटान हुआ है। इस बारे में स्थानीय लोगों ने वन विभाग को शिकायत भी की, लेकिन छानबीन न होने के कारण लोगों ने पीएमओ को पत्र लिखा। करीब तीन महीने से विजिलेंस जांच में जुटी हुई है।

मामले की विजिलेंस जांच जारी है। सहयोग के लिए विभाग ने विजिलेंस को कर्मचारी-अधिकारी दिए हैं। इस मामले में वे कुछ नहीं कह सकते। -अजीत कुमार ठाकुर, वन अरण्यपाल

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