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IIT Mandi: नेत्रहीनों को मानसिक अनुभव से दुनिया दिखाएगा स्मार्टोन चश्मा, आईआईटी मंडी ने विकसित की तकनीक
Fri, 21 Jul 2023 08:47 AM IST
Krishan Singh
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 21 Jul 2023 08:47 AM IST
सार
चश्मे पर लगा कैमरा और मोबाइल दिमाग तक ऑडियो के जरिये संदेश पहुंचाएगा कि सामने क्या चीज है और क्या लिखा है। यह कैमरा और स्पीकर युक्त चश्मा तीन मोड पर मोबाइल एप के माध्यम से काम करेगा।
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स्मार्टोन चश्मा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नेत्रहीनों के लिए मानसिक अनुभव से दुनिया को दिखाने में स्मार्टोन चश्मा अहम भूमिका निभाएगा। दृष्टिबाधितों के लिए यह एक उम्मीद की किरण होगा। इसे नेत्रहीन अपनी आंखों पर लगाएंगे तो इसमें लगा कैमरा चीजों को पहचान लेगा और जहां पर भी कोई वस्तु होगी, उसको भी पहचानने में सक्षम होगा। चश्मे पर लगा कैमरा तीन मोड पर काम करेगा और यह मोबाइल एप के माध्यम से संचालित होगा। चश्मे पर लगा कैमरा और मोबाइल दिमाग तक ऑडियो के जरिये संदेश पहुंचाएगा कि सामने क्या चीज है और क्या लिखा है।
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यह कैमरा और स्पीकर युक्त चश्मा तीन मोड पर मोबाइल एप के माध्यम से काम करेगा। मोड को बदलने में स्वयं ही नेत्रहीन हाथ का इशारा करके बदल सकेंगे। इसके तीन मोड में पहला चीजों को पहचाना, दूसरा सभी भाषाओं को पढ़ना और तीसरा हर प्रकार की करंसी को पहचाना है। इस चश्मे में लगा कैमरा और अत्याधुनिक यंत्र ऑडियो के रूप में उसके दिगाम तक दृश्यों की भी जानकारी पहुंचाएंगे। इस सहायक उपकरण से कोई भी दृष्टिबाधित कई महत्वपूर्ण कार्य भी कर सकते हैं। मोबाइल और कंप्यूटर पर भी काम कर सकता है। इस चश्मे का आविष्कार आईआइटी मंडी के इनोवेशन हब में स्टार्टअप के माध्यम से किया गया है। इस तकनीक को विकसित करने में टीम ने बेहतर भूमिका निभाई है।
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पूरी तरह से भारत में निर्मित, नेत्रहीनों के लिए वरदान
इनोबेशन हब मंडी स्टार्टअप के कारोबार विस्तार अधिकारी साहिल ने बताया कि यह चश्मा नेत्रहीनों की अधिकतर समस्याओं को खत्म करने वाला है। इससे नेत्र अस्पतालों और गैर सरकारी संगठनों को लक्षित करके भारत में व्यवसायीकरण के लिए भी तैयार किया गया है। यह चश्मा देश में ही पूरी तरह से तैयार किया गया है और दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनने में मदद करेगा। इससे दृष्टिबाधित लोगों के लिए बातचीत को अधिक इंटरेक्टिव बनाया जा सकता है और आत्म निर्भर भारत को बढ़ावा देगा। प्रारंभिक तौर पर इसकी सुझाई गई कीमत 9,999 है।
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इन चीजों को पहचानने में अधिक सक्षम
इस चश्मे की खासियत यह है कि इसमें दृष्टिबाधितों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है और कई भाषाएं पढ़ने सहित कई जरूरी वस्तुओं को पहचानने में यह सक्षम बनाया गया है।
इसमें घर में प्रयोग होने वाली सभी वस्तुओं, टीवी, फ्रिज, कुर्सी, बेंच, बेड, गैस चूल्हा, खाने पीने की कई वस्तुएं सहित बाहर सड़क पर वाहनों की पहचान, दायें बायें, ऊपर या नीचे से आने वाले हर तरह की बाधाओं को समझने सहित दुकानों में जाकर वहां पर रखी पैकेट बंद वस्तुओं और उनके दामों को पढ़ सकते हैं।