मंडी गोलीकांड: ठेकेदार पर कसा शिकंजा, गाड़ी जब्त
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आईआईटी कमांद के नॉर्थ कैंपस में गोलीकांड के मामले में जिला पुलिस ने ठेकेदार को विशेष जांच दल के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया है। पुलिस ने पंजाब नंबर की क्रूज गाड़ी को भी अपने कब्जे में लिया है।
पुलिस अधीक्षक मंडी मोहित चावला ने बताया कि एसआईटी साक्ष्य जुटा रही है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार राजीव को जांच में शामिल करना एसआईटी की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्हें शीघ्र ही जांच में शामिल होने के लिए एसआईटी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी टीम ने कमांद के नांदली से पंजाब नंबर को क्रूज गाड़ी को अपने कब्जे में लिया है। गाड़ी मालिक से भी इस बारे में पूछताछ की जाएगी।
जिला पुलिस ने ऑर्डर जारी किए हैं कि कोई भी व्यक्ति या संस्थान प्राइवेट सिक्योरिटी हायर करता है तो संबंधित पुलिस थाना में इसकी सूचना देकर रजिस्ट्रेशन कराएं। जिला मंडी में सात प्राइवेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर ऑपरेटर हैं। एसपी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान प्राइवेट सिक्योरिटी हायर करता है तो पुलिस की ओर से निजी सुरक्षा कर्मियों के पास मौजूद हथियारों का लाइसेंस चेक किया जाएगा।
पुलिस कस्टडी में नहीं थे पंजाब के घायल
वहीं, आईआईटी कमांद के निर्माणाधीन नार्थ कैंपस की घटना में पंजाब के पांचों घायल बिना पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के अनुमति के चले गए। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने बताया कि पीजीआई में मौजूद जिला पुलिस के कर्मचारी ने भी घायलों के चल जाने पर स्थानीय पुलिस को सूचित किया था। सीनियर अधिकारियों को बताए बिना ही स्थानीय पुलिस को सूचित करने की पुलिस विभागीय जांच करेगी।
जोनल अस्पताल मंडी से पीजीआई रेफर किए पंजाब के पांचों घायल गत सोमवार दोपहर को पीजीआई से बिना डॉक्टर की अनुमति ही चले गए। घायलों के चले जाने पर वहां मौजूद जिला पुलिस कर्मचारी ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया था। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी से बात की गई। जिसमें पीजीआई प्रशासन की तरफ से घायलों के बिना बताए चले जाने पर कोई शिकायत दर्ज नहीं है।
घायलों के परिजनों के आग्रह पर मंडी से प्रोटेक्शन गार्द भेजी गई थी। गत सोमवार को घायलों के करीब 250 परिजन पीजीआई पहुंचे और पांचों घायलों को निजी अस्पताल में इलाज करवाने ले गए। घायलों में कोई भी नामजद नहीं है। जिस कारण वे पुलिस कस्टडी में नहीं थे। घायलों के स्वस्थ होने पर उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
मजदूरों की मांगों पर तुरंत जारी किए गए थे आदेश
जिला उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि 19 जून को निकाली गई रैली व विरोध प्रदर्शन के तत्काल बाद ही मजदूरों की समस्याओं व मांगों को देखते हुए आईआईटी प्रशासन, कंस्ट्रक्शन कंपनियों तथा केंद्रीय लोनिवि के अधिकारियों को इस संबंध में गंभीरता से तुरंत संबंधित कार्यवाही करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए गए थे।
आईआईटी के रजिस्ट्रार ने 19 जून की शाम ही मामले को सुलझाने के बारे में जानकारी भी जिला प्रशासन को दे दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी दिन उपमंडल अधिकारी, सदर तथा श्रम विभाग के अधिकारियों को घटना स्थल पर जाकर मामले की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने और विवाद को हल करने के आदेश भी जारी कर दिए थे।
आदेशों की अनुपालना करते हुए एसडीएम सदर, तहसीलदार सदर तथा श्रम निरीक्षक सुबह ही घटना स्थल के लिए निकल चुके थे। इस बीच यह अप्रिय घटना घटित हो गई।
गोलीकांड की जांच को बने राज्य स्तरीय टीम
आईआईटी कमांद के निर्माणाधीन नार्थ कैंपस में गोलीकांड घटना के लिए विभिन्न मजदूर यूनियनों ने सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। मजदूर यूनियनों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच टीम गठित करने की मांग की है।
मंडी में सीटू, भारतीय मजदूर संघ, इंटक, एटक, माकपा, भाकपा व आप पार्टी के पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेसवार्ता में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया। सीटू के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने गोली चलाने वाले दोषियों को हिरासत में नहीं लिया। मजदूरों पर फायरिंग करने वाले पंजाब के पांच घायल पीजीआई चंडीगढ़ से गायब हो गए।
यूनियनों ने मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच दल गठित करने की मांग की है। भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य देस राज शर्मा ने कहा कि जांच कमेटी पर विश्वास नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि ठेकेदार को राजनीति संरक्षण मिला है। जिससे पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है।