{"_id":"5de147088ebc3e54b0514205","slug":"igmc-will-have-bariatric-surgery-for-the-first-time-today-relieving-patients-suffering-from-obesity","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीएमसी में पहली बार हुई बेरियाट्रिक सर्जरी, मोटापे से परेशान मरीजों को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीएमसी में पहली बार हुई बेरियाट्रिक सर्जरी, मोटापे से परेशान मरीजों को राहत
Sat, 30 Nov 2019 10:35 AM IST
Krishan Singh
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Nov 2019 10:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप मोटापे से परेशान हैं तो चिंतामुक्त हो जाएं। अब प्रदेश में ही इसका उपचार संभव होगा। हिमाचल के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में शनिवार को पहली बार बेरियाट्रिक सर्जरी हुई। इसके शुरू होने से मरीजों के पेट की चर्बी निकाली जाएगी। सर्जरी के बाद ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट और घुटने की बीमारियां भी कम हो जाएंगी।
विज्ञापन
आईजीएमसी में शनिवार को दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर जिला सोलन के रहने वाले मरीज की इस तरह की पहली लाइव सर्जरी की गई। शुभारंभ पर पहुंचे सीएम जयराम की मौजूदगी में बेरियाट्रिक सर्जरी की मशीन का ट्रायल किया गया। आईजीएमसी में बेरियाट्रिक सर्जरी की सुविधा न होने से मोटापे की समस्या से ग्रस्त मरीजों को भारी परेशानी होती थी।
विज्ञापन
बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए मरीजों को बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब आईजीएमसी की फैकल्टी और जूनियर डॉक्टर भी प्रशिक्षित होकर जल्द यह सर्जरी कर पाएंगे।
विज्ञापन
बेरियाट्रिक सर्जरी के दौरान मरीज के पेट के आंतरिक हिस्से से चर्बी ऑपरेशन कर निकाली जाती है। इस दौरान ध्यान रखा जाता है कि मरीज को कम और उसकी जरूरत के हिसाब से खाना दिया जाए।