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Shimla News: आईजीएमसी ट्राॅमा सेंटर को मिली नई एमआरआई मशीन

Mon, 09 Jun 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:59 PM IST
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IGMC Trauma Center gets new MRI machine
नई मशीन को शुरू करने में लगेंगे 90 दिन
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27 करोड़ रुपये से खरीदी गई है यह मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है।
अस्पताल में 27 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी नई थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन के उपकरण शिमला पहुंच गए हैं। यह मशीन खाली पड़े ट्रॉमा सेंटर में स्थापित की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मशीन को 90 दिन के भीतर शुरू करने का लक्ष्य रखा है। गौरतलब है कि मशीन कुछ दिन पहले आईजीएमसी में पहुंच गई थी लेकिन इसके कुछ पुर्जे नहीं जो सोमवार को अस्पताल पहुंच गए।


मौजूदा समय में आईजीएमसी में मात्र एक 19 साल पुरानी एमआरआई मशीन है, जिस कारण रोजाना करीब 30 मरीजों की जांच ही संभव हो पाती है। मशीन पर काम का अत्यधिक दबाव होने और आपातकालीन मरीजों को प्राथमिकता देने के कारण सामान्य मरीजों को एमआरआई जांच के लिए तीन-तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में महंगी दरों पर जांच करवानी पड़ती है।
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इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है बल्कि समय पर उपचार भी नहीं मिल पाता। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि नई एमआरआई मशीन अस्पताल में आ चुकी है। अब अस्पताल में दो मशीनें हो जाएंगी। नई मशीन के शुरू होने से एमआरआई जांच की मौजूदा परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
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नई मशीन की खूबियां
नई मशीन थ्री-टेस्ला आधुनिक एमआरआई मशीन है जो तीव्र चुंबकीय क्षेत्र पैदा करती है। हाई-रेजोल्यूशन की स्पष्ट छवियां प्रदान करती हैं। यह मशीन मस्तिष्क, रीढ़, हृदय, जोड़ों और कैंसर जैसे जटिल मामलों में सूक्ष्म बदलावों का बेहतर पता लगाने में मदद करेगी। साथ ही इसकी स्कैनिंग गति भी अधिक होगी जिससे हर मरीज पर लगने वाला समय कम होगा। मशीन लगे के बाद इसका परीक्षण परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी), रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर (आरएसओ) और न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की देखरेख में किया जाएगा। परीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मशीन से कोई रेडिएशन रिसाव न हो और यह पूरी तरह सुरक्षित ढंग से काम करें।
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