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आईजीएमसी शिमला: सीटी स्कैन, एमआरआई के लिए दो माह बाद की मिल रही तिथि
Fri, 29 Oct 2021 01:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 29 Oct 2021 01:09 PM IST
सार
आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा जोबटा ने बताया कि कोविड के बाद सीटी स्कैन और एमआरआई टेस्ट करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण इतनी लंबी तारीख दी जा रही है।
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आईजीएमसी शिमला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान खुद बीमार चल रहा है। मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई करवाने के लिए दो माह बाद की तिथि दी जा रही है। इससे मरीजों का मर्ज और बढ़ रहा है। टेस्ट काउंटर पर लंबी डेट का कारण पूछा जा रहा है तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। इससे छाती, पीठ, पेट और पूरे शरीर का सीटी स्कैन और एमआरआई करवाने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं। मरीजों की समस्या का हल निकालने के लिए फिलहाल संस्थान ने हाथ खड़े कर लिए हैं।
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आईजीएमसी में रोजाना 2500 के करीब ओपीडी होती है। इसके अलावा आपात स्थिति में इलाज के लिए आए मरीजों के छाती, स्पाइन, सिर का सीटी स्कैन और एमआरआई की जाती है। इन दिनों रूटीन में इन टेस्टों को करवाने के लिए मरीजों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। टेस्टों के लिए मरीजों को दस जनवरी के बाद की डेट दी जा रही है। मरीजों ने बताया कि इतने लंबे समय तक इंतजार करना मुश्किल हो जाएगा। खासकर बुजुर्ग मरीज इससे परेशान होंगे।
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आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा जोबटा ने बताया कि कोविड के बाद सीटी स्कैन और एमआरआई टेस्ट करवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण इतनी लंबी तारीख दी जा रही है।
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शाहीन को मिली 10 जनवरी की डेट
कार्ट रोड की रहने वाली शाहीन ने बताया कि उनकी छाती में दर्द है। अस्पताल के डॉक्टरों ने सीटी स्कैन करने को कहा है। अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर ने 10 जनवरी 2022 की डेट दी। उन्होंने बताया कि सर्दियों में अस्पताल आना काफी मुश्किल है। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें भी जनवरी महीने की तिथि मिली है।
आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग का दावा है कि अस्पताल में रूटीन में सीटी स्कैन किया जा रहा है। औसतन रोजाना 70 से 80 के बीच टेस्ट किए जा रहे हैं। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक 25 से 30 एमआरआई टेस्ट किए जा रहे हैं।
इतने बड़े अस्पताल में एक सीटी स्कैन मशीन
आईजीएमसी में एक सीटी स्कैन मशीन है। इस मशीन पर पूरे प्रदेश से इलाज करवाने आए मरीजों के टेस्ट का जिम्मा है। विभाग का दावा है कि अतिरिक्त मशीन को लेकर प्रपोजल भेजा है।
आईजीएमसी में सीटी स्कैन, एमआरआई की दरें
सीटी स्कैन - पेट 830, हेड 330, सीटी एनजीओ 1650।
एमआरआई - स्पाइन, हेड 2750, पूरी बॉडी के टेस्ट 4400। इसके अलावा अगर कांट्रास्ट की जरूरत पड़ती है तो करीब 15 सौ से अठारह सौ रुपये तक का खर्च अतिरिक्त आता है।
निजी में यह हैं रेट
डीडीयू अस्पताल स्थित निजी सीटी स्कैन पर ब्रेन 1051, बॉडी प्लेन 2178, छाती 3568, पेट 4400 कांट्रास्ट के साथ चार्ज मरीजों को चुकाने होंगे।