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Shimla News: बावत में 16 साल बाद हुए शांद महायज्ञ के लिए पहुंचे सैकड़ों लोग

Fri, 24 Mar 2023 08:33 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, चौपाल (रोहड़ू)
संवाद न्यूज एजेंसी, चौपाल (रोहड़ू) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 24 Mar 2023 08:33 PM IST
सार

शिमला जिले के उपमंडल कुपवी के अंतर्गत ग्राम पंचायत बावत के गांव बावत में शांद महायज्ञ का आयोजन 16 वर्षों बाद हुआ। इस महायज्ञ में सेवग खौश के जिला सिरमौर और उत्तराखंड में रह रहे करीब 500 बिरादरी के साथ-साथ परगना चेहता, स्तोता, सिरमौर व उत्तराखंड के करीब छह हजार लोगों ने भाग लिया। 

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Hundreds of people attended for Shand Mahayagya after 16 years in Bavat
बावत में शांद महायज्ञ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के उपमंडल कुपवी के अंतर्गत ग्राम पंचायत बावत के गांव बावत में शांद महायज्ञ का आयोजन 16 वर्षों बाद हुआ। हालांकि इस देव कार्य का आयोजन 12 वर्षों बाद बावत गांव के सेवग खौश बिरादरी व अन्य ग्रामवासियों की ओर से हर ठाहरी मंदिर परिसर में करवाया जाता है। इस महायज्ञ में सेवग खौश के जिला सिरमौर और उत्तराखंड में रह रहे करीब 500 बिरादरी के साथ-साथ परगना चेहता, स्तोता, सिरमौर व उत्तराखंड के करीब छह हजार लोगों ने भाग लिया। इस देव कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। महायज्ञ में ठाहरी माता मंदिर में कुरूड़ स्थापना की गई। इसमें अनेक क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने प्रसाद व आशीर्वाद प्राप्त किया।

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शांद में क्षेत्र के लोगों की ओर से देवदार का समूचा छिला हुआ वृक्ष अर्थात कुरूड़ उठाकर लाया और सीधे मंदिर के सबसे ऊंचे सिरे पर स्थापित किया। कुरूड़ लाने में सैकड़ों लोगों ने सहयोग दिया गया। जनश्रुति के अनुसार जब कुरूड़ को उठा लिया जाता है तो इसे भूमि पर नहीं रखा जा सकता है। इसे मंदिर के शीर्ष पर ही स्थापित करना होता है। कुरूड़ स्थापित होने के बाद ठाहरी माता के गुर ने देववाणी से मंदिर की छत पर लोगों को सफल आयोजन का चावल का दाना आशीर्वाद के रूप में दिया। दिनभर मंदिर में वाद्ययंत्रों की धुनों पर देवलू और ग्रामीण नाटी लगाते रहे। कंपकंपाती ठंड में भी श्रद्धालुओं की आस्था देखने लायक थी। हजारों की तादाद में श्रद्धालु ठाहरी माता के समक्ष नतमस्तक हुए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
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