वर्क टू रूल से यात्री हाल बेहाल, पांच सौ रूट फेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) कर्मचारियों के वर्क टू रूल से सूबे के यात्री बेबस हैं। वर्क टू रूल के दूसरे दिन प्रदेश भर में छोटे-बड़े पांच सौ रूट फेल हो गए हैं। कर्मचारियों ने अलग-अलग जगहों में 27 डिपुओं में गेट मीटिंग कर सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। दो टूक चेतावनी दी गई कि वर्क टू रूल से बात न बनी तो कर्मचारी आंदोलन कर काम पूरी तरह ठप कर देंगे। कहा गया कि अब कर्मचारी किसी के सामने नहीं झुकेंगे। वे अपनी बात पर अड़िग हैं।
बुधवार को लांग रूट से आने वाली बसें सुबह के वक्त लोकल रूटों पर नहीं चलीं, जबकि निगम के नियमों के मुताबिक लांग रूट से आने वाली बस को सुबह के वक्त लोकल रूट का चक्कर लगाना होता है। ड्यूटी के आठ घंटे पूरे होने के बाद चालकों ने बस अड्डे पर बसें खड़ी कर दीं। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन अपने फैसले पर अड़े रहे तो कर्मचारी कामकाज ठप करके आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
मंत्री नई बसों की बात कर रहे पर नहीं हो रही भर्ती
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निदेशक मंडल की बैठक में कर्मचारियों की कई मांगें पूरी होने की आशा थी, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। परिवहन मंत्री नई बसों को चलाने की बात करते हैं, लेकिन भर्ती नहीं की जा रही। कंडक्टरों की कमी के कारण निगम की कई बसें धूल फांक रही हैं।
इन्होंने संबोधित की गेट मीटिंग- गेट मीटिंग को अध्यक्ष हरदयाल सिंह, उपाध्यक्ष रूप चंद, सचिव खेमेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता राजेंद्र सिंघा, कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, सदस्य राजेंद्र ठाकुर, देवराज ठाकुर, विद्या सागर, रोशन चौहान, गोपाल लाल, नानक शांडिल, युद्ध राज, सुख राम, चंद्रमणि सोनी ने संबोधित किया।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- 20 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके कंडक्टरों को दो विशेष वेतन वृद्धियां
- चार, छह हजार पर काम कर रहे ड्राइवरों-कंडक्टरों को अधिसूचना के अनुसार वेतन
- पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना
- ग्रेड पे से वंचित कर्मचारियों व अधिकारियों को ग्रेड पे देना
- कर्मचारियों के लंबित ओवरटाइम की अदायगी एकमुश्त करना
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभ जल्द जारी करना