1600 युवाओं को झटका, कंडक्टर भर्ती परिणाम पर लगी रोक
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हिमाचल पथ परिवहन निगम में 500 कंडक्टरों की भर्ती के परिणाम पर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने रोक लगा दी है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष वीके शर्मा ने भूपेंद्र सिंह और अन्य प्रार्थियों की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद सोमवार को आगामी आदेशों तक परिणाम पर रोक लगा दी।
प्रार्थियों के अनुसार एचआरटीसी ने 5 मई 2016 को 500 मल्टी ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट (एमटीए) की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। प्रदेश के करीब 30 हजार बेरोजगार युवाओं ने इन पदों के लिए आवेदन किया। निगम ने 12 जून को लिखित परीक्षा का आयोजित की। इसमें 1632 परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया गया। एक जुलाई से एचआरटीसी ने इन पदों को भरने के लिए साक्षात्कार शुरू किए।
संशोधन किए बिना दे दिया टीएमपीए नाम
प्रार्थियों ने याचिका में आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार करते हुए परिवहन निगम ने इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए। रेगुलेशन-1996 के मुताबिक जो कार्य कंडक्टरों की ओर से किया जा रहा है, वही कार्य अब टीएमपीए की ओर से किया जाना है। जबकि नियमों में टीएमपीए जैसे पदों का कोई उल्लेख नहीं है।
अगर निगम टीएमपीए जैसे पदों को भरना चाहता है तो उसके लिए उपरोक्त रेगुलेशन में जरूरी संशोधन करना पड़ेगा। संशोधन के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेना अति आवश्यक है। निगम ने जरूरी संशोधन किए बगैर ही कंडक्टरों को ट्रांसपोर्ट मल्टीपर्पज असिस्टेंट (टीएमपीए) का नाम देकर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। अब मामले पर आगामी सुनवाई 23 अगस्त को होगी।