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Shimla News: एचपीयू अपने खर्च पर देगा खिलाड़ियों को विदेश में प्रशिक्षण
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इंडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स और बढ़ी प्रोत्साहन राशि से बदलेगी एचपीयू की खेल व्यवस्था, उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए खेल नीति में कई अहम बदलावों की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित सातवें वार्षिक खेल पुरस्कार वितरण समारोह एवं 54वीं खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियां परिषद की आम सभा में कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विदेश में प्रशिक्षण दिलाने और खेल प्रोत्साहन राशि में व्यापक बढ़ोतरी का एलान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें विदेशी प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण का पूरा खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। साथ ही खिलाड़ियों को वर्षभर अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिसर में इंडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने खेल प्रोत्साहन नीति में संशोधन करते हुए अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि भी बढ़ा दी है। संशोधित व्यवस्था लागू होने से खिलाड़ियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
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बॉक्स :
नई प्रोत्साहन राशि लागू
संशोधित नीति के अनुसार उत्तर क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 15 हजार, 12 हजार, 10 हजार और 6 हजार रुपये दिए जाएंगे। टीम स्पर्धाओं में यह राशि क्रमश : 12 हजार, 10 हजार, 8 हजार और 5 हजार रुपये होगी। अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान पर क्रमश: 40 हजार, 25 हजार, 18 हजार और 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। टीम स्पर्धाओं में यह राशि 20 हजार, 15 हजार, 12 हजार और 8 हजार रुपये होगी। विभिन्न श्रेणियों में प्रोत्साहन राशि में 4 हजार से 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है।
अनुपस्थित प्राचार्यों पर होगी कार्रवाई : कुलपति
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि बैठक और सम्मान समारोह में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विदेशी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना पर गंभीरता से काम करेगा। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। विश्वविद्यालय खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली विकसित करने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। विवि का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए खेल नीति में कई अहम बदलावों की घोषणा की है।
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विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित सातवें वार्षिक खेल पुरस्कार वितरण समारोह एवं 54वीं खेल एवं पाठ्येतर गतिविधियां परिषद की आम सभा में कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विदेश में प्रशिक्षण दिलाने और खेल प्रोत्साहन राशि में व्यापक बढ़ोतरी का एलान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें विदेशी प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण का पूरा खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। साथ ही खिलाड़ियों को वर्षभर अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिसर में इंडोर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने खेल प्रोत्साहन नीति में संशोधन करते हुए अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि भी बढ़ा दी है। संशोधित व्यवस्था लागू होने से खिलाड़ियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
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नई प्रोत्साहन राशि लागू
संशोधित नीति के अनुसार उत्तर क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 15 हजार, 12 हजार, 10 हजार और 6 हजार रुपये दिए जाएंगे। टीम स्पर्धाओं में यह राशि क्रमश : 12 हजार, 10 हजार, 8 हजार और 5 हजार रुपये होगी। अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ स्थान पर क्रमश: 40 हजार, 25 हजार, 18 हजार और 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। टीम स्पर्धाओं में यह राशि 20 हजार, 15 हजार, 12 हजार और 8 हजार रुपये होगी। विभिन्न श्रेणियों में प्रोत्साहन राशि में 4 हजार से 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की है।
अनुपस्थित प्राचार्यों पर होगी कार्रवाई : कुलपति
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि बैठक और सम्मान समारोह में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विदेशी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना पर गंभीरता से काम करेगा। यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। विश्वविद्यालय खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली विकसित करने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। विवि का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता दिलाना है।