HPU shimla: नर्सिंग और बीएएमएस के अनुपूरक परिणाम घोषित, अभ्यर्थी ऐसे चेक कर सकेंगे
प्रदेश विश्वविद्यालय ने दिसंबर में आयोजित विभिन्न पाठ्यक्रमों की अनुपूरक परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने दिसंबर में आयोजित विभिन्न पाठ्यक्रमों की अनुपूरक परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष, बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष तथा बीएएमएस चतुर्थ वर्ष के परिणाम जारी किए हैं। बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष अनुपूरक परीक्षा का परिणाम 66.66 प्रतिशत रहा। बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की अनुपूरक परीक्षा में सभी परीक्षार्थी सफल रहे। बीएएमएस चतुर्थ वर्ष अनुपूरक परीक्षा का परिणाम भी 100 प्रतिशत रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे अपना परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगिन कर देख सकते हैं। इसके अलावा महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी परिणाम संबंधी सूचना भेज दी गई है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर जानकारी मिल सके। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित समय में पूर्ण कर परिणाम जारी किए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखा गया।
एचपीयू बीडीएस तृतीय वर्ष अनुपूरक परीक्षा मार्च में
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बीडीएस तृतीय वर्ष की अनुपूरक परीक्षाएं मार्च में करने को लेकर अधिसूचना जारी की है। संबंधित विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि तक परीक्षा फार्म और शुल्क अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा। बीडीएस तृतीय वर्ष अनुपूरक परीक्षा के लिए परीक्षा फार्म और शुल्क दो मार्च तक उप-पंजीयक परीक्षा-तृतीय (चिकित्सा विज्ञान शाखा), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला कार्यालय में पहुंच जाना चाहिए। इसके बाद विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार विलंब शुल्क लागू किया जाएगा।
परीक्षा फार्म संबंधित डेंटल कॉलेजों के प्राचार्य कार्यालय से सीधे प्राप्त किए जा सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा फार्म प्राप्त करना और उसे निर्धारित तिथि तक पूर्ण रूप से भरकर जमा करवाना पूरी तरह अभ्यर्थियों की जिम्मेदारी होगी। बिना शुल्क, बिना पंजीकरण संख्या या अपूर्ण रूप से भरे परीक्षा निरस्त कर दिए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक श्याम लाल कौशल ने बताया कि मार्च में प्रस्तावित अनुपूरक परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो पूर्व परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके थे और अब अपने शैक्षणिक सत्र को नियमित करना चाहते हैं।