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HPU Foundation Day: एचपीयू से निकलीं करजई, सीजेआई ठाकुर, नड्डा समेत कई हस्तियां, जानिए उपलब्धियां

Tue, 22 Jul 2025 05:15 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Jul 2025 05:15 PM IST
सार

एचपीयू शिमला आज अपना 56वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस विवि ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई नामी हस्तियां दी हैं।

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HPU Shimla Foundation Day: Many celebrities including Karzai, CJI Thakur, Nadda passed out from HPU
एचपीयू से निकलीं हस्तियां। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला आज अपना 56वां स्थापना दिवस मना रहा है। सुबह के सत्र की अध्यक्षता मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने की। किन्हीं कारणों से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सुबह के सत्र में शामिल नहीं हो पाए। इस विवि ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई नामी हस्तियां दी हैं। इनमें अफगानिस्तान के पहले लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए राष्ट्रपति हामिद करजई, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित कई मंत्रियों ने हिमाचल विवि से पढ़ाई की है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पढ़कर निकलीं करीब दो सौ हस्तियों की लंबी फेहरिस्त है, जिसे विश्वविद्यालय ने बाकायदा कुलपति कार्यालय भवन में प्रदर्शित किया है। बात सिर्फ राजनीति क्षेत्र में चमके नामों तक सीमित नहीं है।

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इस विवि में पढ़ने वालों में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस टीएस ठाकुर, न्यायमूर्ति भवानी सिंह, न्यायमूर्ति संजय करोल, न्यायमूर्ति राजीव शर्मा सहित न्यायिक सेवाओं की कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं।  वर्तमान कुलपति प्रो. महावीर सिंह, प्रो. एसपी बंसल, प्रो. एलआर वर्मा, प्रो. केसी मल्होत्रा, प्रो. एसके गुप्ता, प्रो. सुनील गुप्ता और प्रो. आरएस चौहान ने भी हिमाचल विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। प्रशासनिक सेवाओं में भी इस विश्वविद्यालय से पढ़कर निकले अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त रहे श्रीकांत बाल्दी सहित असंख्य आईएएस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं। यही नहीं खेल और अनुसंधान के क्षेत्र में विवि के छात्रों ने नाम कमाया है।  

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मंत्री ने पांच शोध, अनुसंधान केंद्रों का शुभारंभ किया
ग्रामीण विकास एव पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विवि के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पांच शोध, अनुसंधान केंद्रों का शुभारंभ किया। इसके लिए देश के नामी शोध संस्थानों के साथ एमओयू  पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ संस्थानों के प्रतिनिधि अधिकारी और निदेशक भी स्थापना दिवस पर आमंत्रित किए गए हैं।  इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने पौधरोपण भी किया। इसके बाद पांच केंद्रों का शुभारंभ किया गया। 

बदलाव का प्रतीक बने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालयः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्रीर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 56वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है कि इस विश्वविद्यालय ने युवाओं को ज्ञान प्रदान करने के 55 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह प्रदेश के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास का भी प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने देश और प्रदेश को ऐसे मेधावी छात्र दिए हैं, जो आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं और विश्वभर में हिमाचल का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह भी इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं तथा उनके जीवन की दिशा तय करने, विचारों को आकार देने और व्यक्तित्व के विकास में इस विश्वविद्यालय की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बिताए गए पल, शिक्षकों का मार्गदर्शन और मित्रों के साथ बिताया गया समय आज भी उनके स्मरण में जीवंत है।

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सुक्खू ने कहा कि आज सूचना प्रौद्योगिकी का समय है। प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के इस युग में हमें भी समय के साथ चलना होगा। उन्होंने कहा कि अगर हम बदलाव के साथ नहीं चले, तो हम पिछड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए विश्वविद्यालय को बदलाव का एक सशक्त प्रतीक बनना चाहिए, जहां न केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया जाए, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणालियों में भी सुधार हो। बदलते समय के साथ विश्वविद्यालय को पाठ्यक्रम बनाने, बदलने और समय-समय पर उसमें नयापन लाने के लिए अपनी प्रक्रियाओं को आसान और लचीला बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज बाज़ार में जिन विषयों एवं कौशल की मांग है उनके अनुसार नए कोर्स शुरू करना और समय के अनुसार अनुपयोगी कोर्स बंद करके नए कोर्स चलाने के लचीलेपन को अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा न केवल डिग्रीधारी हों, बल्कि वे कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम हों। इसी दिशा में आज खुल रहे पांच नए शोध केंद्र एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने इस पहल के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. महावीर सिंह की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे बदलाव आगे भी निरंतर होते रहेंगे और विश्वविद्यालय प्रगति की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ का आपदा प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने वेतन से अंशदान देने के निर्णय के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया।

अनिरुद्ध सिंह बोले- अच्छे और असूलों के आदमी हैं जगदीप धनखड़
प्रदेश विश्वविद्यालय के 56वें स्थापना दिवस समारोह के सुबह के सत्र में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफा को लेकर पूछे  सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें वे व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, वे एक अच्छे और असूलों वाले आदमी हैं। उन्होंने इस्तीफे को लेकर व्यक्तिगत कारण बताए हैं, ये वही बेहतर जान सकते हैं। राजनीतिक घटनाक्रम की जो बात की जा रही है, वे इनसे इतने प्रताड़ित थे और उन्होंने अपने असूलों को रखते हुए पद से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा। मंत्री ने थुनाग में पंचाती राज के एक प्रशिक्षण संस्थान को बंद करने की अटकलों को लेकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर गलतफहमी के शिकार हैं।  उनके कार्यकाल में थुनाग में पंचायती राज विभाग का प्रशिक्षण केंद्र खोला था।  इस संस्थान को बंद नहीं किया जा रहा है, उसके एक क्षतिग्रस्त हुए डंगे के काम का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है, इसको लेकर अधिकारियों उसे जल्द तय अवधि में पूरा किया जाएगा, जिससे पीआरटीआई की ट्रेनिंग प्रभावित न हो। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय से पढ़कर निकले छात्र देश-विदेश में अलग-अलग क्षेत्र में अपना परचम लहारा रहे हैं, इसके लिए विश्वविद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। स्थापना दिवस के मौके पर जो पांच शोध अनुसंधान केंद्र खुले है, इसमें निश्चित तौर पर उपयोगी शोध होंगे, शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और समाज व देश के लिए अच्छे कार्य होंगे।

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