फीस बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी, अब यह होंगी दरें
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने कार्यकारी परिषद की रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की ओर से 30 जुलाई को तैयार फीस ढांचे को मंजूरी दिए जाने के बाद नई फीस की दरों को लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है।
परीक्षा से संबंधित कार्यों और शुल्क की बढ़ाई गई दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसमें परीक्षा फार्म से लेकर हर कक्षा के परीक्षा शुल्क के साथ, डुप्लीकेट मार्क शीट और रजिस्ट्रेशन रोलनंबर लेने तक के रिवाइज रेट वसूले जाएंगे।
परीक्षा से संबंधित बढ़ाई फीस दरों के ढांचे को लागू करने के लिए परीक्षा नियंत्रक की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। सोमवार को जारी की गई इस अधिसूचना में साफ लिखा गया है कि इन दरों के लागू होने के साथ ही हर साल इसी के आधार पर दस फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी।
परीक्षा नियंत्रक और अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक की ओर जारी इन आदेशों में आरएमसी और ईसी द्वारा पास किए गए पूरे प्रस्ताव में शामिल मदों को शामिल किया गया है। नई फीस दरों में प्रति पेपर (पीपी) और प्रेक्टिकल फीस (पीएफ) के रूप में दर्शाया गया है।
ये होंगे फार्म और अन्य शुल्क
डुप्लीकेट सर्टिफिकेट डिग्री 300 से 1200, प्रोविजनल कंसोलिडेटेड सर्टिफिकेट 500 से 1500, डूप्लीकेट रिजस्ट्रेशन कार् 200,
कॉपी एडमिशन फार्म 200,परीक्षा फार्म स्नातकोत्तर व डिप्लोमा 20/200 नॉन कंप्यूटराइज्ड/कंप्यूटराइज्ड, रजिस्ट्रेश्सन फार्म 20/100,रिवेल्यूएशन यूजी 300 पीपी, मास्टर डिग्री 400 पीपी, रि-चैकिंग यूजी/पीजी 400/500, परीक्षा केंद्र बदलाव राज्य में 2000, डुप्लीकेट रोलनंबर 100 रुपये अदा करने होंगे।
छात्र संगठनों ने दी संघर्ष की चेतावनी
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल, सचिव मुनीश शर्मा ने कहा कि बढ़ाई फीसें एसएफआई को किसी सूरत में मंजूर नहीं हैं। इससे सीधे तौर पर प्रदेश भर के लाखों छात्र प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि नई दरों में एमए के परीक्षा शुल्क को सौ से बढ़ाकर सीधे एक हजार, जबकि यूजी की प्राइवेट परीक्षा की फीस को 600 से एक हजार तक कर दिया गया है।
इस छात्र विरोधी फैसले का पूरे प्रदेश भर में विरोध होगा। उन्होंने विवि प्रशासन से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि यदि इसे लागू किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।