HPSSC Hamirpur: मंजूरी के 26 दिन बाद भी पूर्व सचिव को गिरफ्तार नहीं कर पाई एसआईटी
सरकार ने एक मार्च को मामला दर्ज करने की अनुमति प्रदान की, लेकिन मंजूरी मिलने के 26 दिन बाद भी पूर्व सचिव को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पेपर लीक मामले में प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव को गिरफ्तार ही नहीं करना था तो एसआईटी ने प्रदेश सरकार से उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी क्यों मांगी। कुछ इस तरह के सवाल कानूनविद आपस में चर्चा के दौरान कर रहे हैं। करीब आधा दर्जन विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने प्रदेश सरकार से पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांगी थी। सरकार ने एक मार्च को मामला दर्ज करने की अनुमति प्रदान की, लेकिन मंजूरी मिलने के 26 दिन बाद भी पूर्व सचिव को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
वहीं, आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद 23 दिसंबर से न्यायिक हिरासत में हैं। इसी तरह भर्ती गड़बड़ी के मामले में आयोग के दो चपरासी और एक वाहन चालक पर भी एसआईटी का शिकंजा कसने वाला है। हालांकि, प्रदेश उच्च न्यायालय शुक्रवार को चपरासी किशोरी लाल की अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर चुका है। आयोग के चार सरकारी वाहनों को शिमला भेजने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ये सभी वाहन सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपे जाएंगे।
हाल ही में भंग किए गए कर्मचारी चयन आयोग से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए नियुक्त विशेष कार्यकारी अधिकारी अनुपम ठाकुर ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आयोग से रिकॉर्ड मांगा था और प्रदेश सरकार ने भी विभिन्न मदों पर प्रश्न पूछे थे। संबंधित रिकॉर्ड और प्रश्नों से संबंधित पूरी सूचना उपलब्ध करवा दी गई है।
ठाकुर ने कहा कि आने वाले समय में जो भी नवीन सूचनाएं और रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा मांगा जाएगा, उसे मुहैया करवाने के लिए भी पूर्ण तत्परता के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग के चार वाहनों को शिमला भेजने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ये सभी वाहन सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपे जाएंगे।
उमा आजाद की कस्टडी ट्रांसफर भी मांगने की तैयारीआयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद वर्तमान में पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी और कंप्यूटर ऑपरेटर एवं जूनियर ऑडिटर भर्ती पेपर लीक मामले में न्यायिक हिरासत में चल रही हैं। पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक मामले में गत शुक्रवार को हमीरपुर न्यायालय से निखिल आजाद की कस्टडी ट्रांसफर को मंजूरी मिल चुकी है।
अब एसआईटी इसी मामले में उमा आजाद की कस्टडी ट्रांसफर की मांग भी करने जा रही है। क्योंकि आरोपी महिला अभ्यर्थी सुनीता देवी के खाते से उमा और उसके बेटे निखिल आजाद दोनों में राशि ट्रांसफर हुई है। इस मामले में उमा से भी पूछताछ होनी है। उमा की न्यायिक हिरासत 27 मार्च को समाप्त हो रही है। जबकि हमीरपुर न्यायालय में पेश किए गए चालान के मामले में 13 अप्रैल को सभी आठ आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।