ग्रेड पे की मांग पर तकनीकी कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन, बैठक में लिया फैसला
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राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की बैठक घुमारवीं में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष मोहन ठाकुर ने की। बैठक में विपिन कुमार डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस दौरान तीन जनवरी को किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई। बैठक में मुख्य रूप से ग्रेड-पे को लेकर चर्चा की गई। तकनीकी कर्मचारी संघ के आठवें महाधिवेशन को लेकर भी मंथन किया गया।
आरोप लगाया कि कुमार हाउस में अकाउंट विंग में बैठे कुछ तत्वों ने जानबूझ कर बोर्ड प्रबंधक वर्ग में निदेशक वित्त की अनुमति लिए बिना ग्रेड पे की विसंगति की आड़ में तकनीकी कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का असफल प्रयास किया है।
इसे तकनीकी कर्मचारी संघ ने असफल किया। संघ ने मांग की है कि इन तत्वों के खिलाफ बोर्ड प्रबंधक कड़ी कार्रवाई करे। ग्रेड पे की मांग पर तकनीकी कर्मचारी संघ तीन जनवरी को सुबह दस बजे विद्युत बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के प्रांगण में विरोध प्रदर्शन करेगा।
नियमित कर्मियों को नहीं मिला कोई लाभ
झंडूता में राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव राजपाल ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग में 15 सालों बाद कर्मचारी नियमित हुए हैं, उनमें से कई एक साल बाद ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इससे उन्हें नियमित होने का लाभ नहीं मिलेगा।
साथ ही शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष की जाए। वर्ष 10 मई 2001 से पूर्व नियुक्त वाली शर्त को हटाया जाए। शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 5 वर्ष के बजाय 3 वर्ष में प्रयोगशाला परिसर में लिपिक बनाया जाए।
शिक्षा विभाग में 15 मई 2003 से पूर्व नियमित हुए सभी अंशकालिक और दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित होने के बाद अन्य पूर्व कर्मचारियों की तरह उनकी तर्ज पर पुरानी पेंशन का लाभ देने, करुणामूलक आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के आश्रितों को अर्जित योग्यता अनुसार नौकरी देने की
संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है। संघ ने कहा कि अगर 58 से 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति शिक्षा विभाग में की गई तो 2019 के चुनाव में पूरे प्रदेश के शिक्षा विभाग के कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेंगे।