Solan News: प्रदूषण पर बोर्ड सख्त, उद्योगों पर नजर रखेंगे उड़नदस्ते
प्रदेश में प्रदूषण फैला रहे उद्योगों की अब खैर नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम अब उद्योगों का निरीक्षण करेगी। इसके लिए दो टीमों का गठन भी कर दिया है। बोर्ड की ओर से यह निर्णय प्रदूषण को लेकर मिल रही शिकायत के आधार पर लिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश में प्रदूषण फैला रहे उद्योगों की अब खैर नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम अब उद्योगों का निरीक्षण करेगी। इसके लिए दो टीमों का गठन भी कर दिया है। बोर्ड की ओर से यह निर्णय प्रदूषण को लेकर मिल रही शिकायत के आधार पर लिया गया है। इसके तहत दो उड़नदस्ते प्रदेश के उद्योगों का औचक निरीक्षण करेंगे। पहला उड़नदस्ता जिला ऊना, बद्दी, पांवटा और कुल्लू क्षेत्र पर निगरानी रखेगा। दूसरा दस्ता जिला शिमला, बिलासपुर, मंडी, रामपुर और परवाणू क्षेत्र पर नजर रखेगा। इस संबंध में परवाणू प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ प्रदीप मौदगिल ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। एक टीम में तीन सदस्यों को नियुक्त किया गया है। यह टीम दिन-रात 24 घंटे चलने वाले प्रदेश के उद्योगों पर विशेष नजर रखेगी। परवाणू उद्योग संघ के सचिव सार्थक तनेजा ने बतया कि हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रदूषण पर अंकुश लगाने का निर्णय सरहानीय है। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश लघु उद्योग भारती के कोर कमेटी सदस्य विकास सेठ ने बताया कि प्रदेश प्रदूषण मुक्त रहना चाहिए। बोर्ड का यह उत्तम विचार है। प्रदेश के उद्योग भी इस बात से सहमत हैं। लेकिन उड़नदस्ते बनाकर उद्योगों में भय फैलाकर नियंत्रण करने से बेहतर होता, अगर इसी खर्चे से उद्योगों को प्रदूषण न करने के बारे में शिक्षित किया जाता। प्रदेश में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की हालत पहले से ही ठीक नहीं चलने के कारण सरकार से प्रोत्साहन एवं संरक्षण की आवश्यकता है। इस भय पूर्ण माहौल में इनकी हालत बद से बदतर होने का खतरा है। परवाणू उद्योग संघ के प्रधान सुनील तनेजा ने कहा कि प्रदेश प्रदूषण बोर्ड का यह कदम सराहनीय है परंतु यह कार्रवाई उद्योगों पर ही क्यों, बोर्ड को अन्य एजेंसियां जैसे वाहन व अन्य पर भी करनी चाहिए।